नियद नेल्लानार योजना से रोशन हुए वनांचल के गांव, दशकों बाद मोहन्दी और मसपुर के घरों में जली बिजली

नियद नेल्लानार योजना से रोशन हुए वनांचल के गांव, दशकों बाद मोहन्दी और मसपुर के घरों में जली बिजली
लोगों में खुशी की लहर
नारायणपुर जुलाई 2026// जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में वर्षों से अंधेरे में जीवन बिता रहे परिवारों के लिए अब एक नई सुबह का आगाज़ हुआ है। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी श्नियद नेल्लानार (आपका अच्छा गांव) योजनाश् के अंतर्गत ग्राम मोहन्दी और मसपुर के दूरस्थ पाराओं तक पहली बार बिजली पहुंचने से ग्रामीणों के जीवन में उम्मीद और विकास की नई किरण आई है। दशकों से बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित इन गांवों के घर आज रोशनी से जगमगा रहे हैं और ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही है।
नारायणपुर जिले के ग्राम मोहन्दी के मिचिंगपारा, कोडियारपारा एवं बीचपारा तथा ग्राम मसपुर के गुडरापारा तक विद्युत सुविधा पहुंचाना आसान नहीं था। घने जंगल, दुर्गम पहाड़ियां और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां इस कार्य में बड़ी चुनौती थीं। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की टीम ने कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए निर्धारित समय-सीमा में विद्युत लाइन विस्तार का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया। परियोजना का क्रियान्वयन एम/एस माँ शारदा द्वारा किया गया।
विद्युतीकरण परियोजना के तहत ग्राम मोहन्दी के तीनों पाराओं में लगभग 61.79 लाख रुपये की लागत से विद्युत विस्तार कार्य किया गया, जिससे 40 परिवारों को पहली बार बिजली का लाभ मिला। वहीं ग्राम मसपुर के गुडरापारा में 22.42 लाख रुपये की लागत से कार्य पूर्ण कर 5 परिवारों को विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में संपन्न इस कार्य ने वर्षों से बिजली की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीणों का सपना साकार कर दिया।
बिजली पहुंचने के बाद गांवों की तस्वीर बदलने लगी है। अब बच्चे रात के समय भी बेहतर रोशनी में पढ़ाई कर सकेंगे, जिससे उनकी शिक्षा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मोबाइल चार्ज करने, पंखे चलाने और अन्य आवश्यक विद्युत उपकरणों के उपयोग से ग्रामीणों की दैनिक जीवनशैली भी पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हो गई है। स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान होगी, क्योंकि बिजली उपलब्ध होने से स्वास्थ्य केंद्रों और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों का संचालन बेहतर ढंग से संभव हो सकेगा।
ग्रामीणों का मानना है कि बिजली केवल रोशनी ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और विकास का भी माध्यम है। अब गांवों में छोटे-छोटे उद्योग, स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर विकसित होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। वर्षों तक अंधेरे में जीवन बिताने वाले परिवारों के लिए यह बदलाव किसी सपने के सच होने जैसा है। अपने घरों को पहली बार रोशनी से जगमगाता देखकर ग्रामीणों ने शासन, जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से नारायणपुर के वनांचल क्षेत्रों में केवल आधारभूत सुविधाएं ही नहीं पहुंचाई जा रही हैं, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर में व्यापक बदलाव लाने का प्रयास भी किया जा रहा है। जिले के अन्य दूरस्थ एवं वंचित गांवों में भी चरणबद्ध तरीके से विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य प्राथमिकता के साथ जारी है। यह पहल न केवल विकास की रोशनी गांव-गांव तक पहुंचा रही है, बल्कि वनांचल के लोगों के बेहतर भविष्य और समग्र विकास की मजबूत नींव भी तैयार कर रही है।




