मनघटा रिसोर्ट संचालक हुए एकजुट, पर्यटकों पर सख्ती के नए नियम
8 बजे के बाद एंट्री बंद, शराब पिलाने पर रिसॉर्ट 15 दिन बंद

राजनांदगांव : मनघटा में हाल ही में हुई युवती के साथ दुष्कर्म व हत्या की सनसनीखेज घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। इस घटना के बाद सुरक्षा को लेकर जागरूक हुए मनघटा के रिसोर्ट संचालकों ने एकजुट होकर ‘मनघटा रिसोर्ट ओनर्स एसोसिएशन’ के बैनर तले बैठक की और पर्यटकों के लिए सख्त नियम लागू करने का फैसला किया है।
बैठक में तय किया गया कि अब रात 8 बजे के बाद किसी भी रिसोर्ट में किसी भी नए मेहमान की एंट्री नहीं होगी। रिसोर्ट परिसर में शराब पीने या परोसने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। हर आने-जाने वाले व्यक्ति की पूछताछ की जाएगी और आधार कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र की अनिवार्य जांच होगी।

एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी रिसोर्ट में शराब परोसते या पिलाते पाए गए तो उस रिसोर्ट को 15 दिनों के लिए सील कर दिया जाएगा।
100 से अधिक रिसोर्ट, हजारों की रोजी-रोटी
दुर्ग-राजनांदगांव जिले की सीमा पर स्थित मनघटा वन चेतना केंद्र के आसपास 100 से ज्यादा रिसोर्ट संचालित हैं। यहां दूर-दूर से पर्यटक आते हैं। इन रिसोर्टों में आसपास के गांवों से 800 से अधिक स्थानीय लोग काम करते हैं।
अमीत शर्मा, मनघटा रिसोर्ट ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा, “इस दुखद घटना ने हमें सोचने पर मजबूर कर दिया है। हम सभी संचालक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एकजुट हुए हैं। नए नियमों से मनघटा को सुरक्षित पर्यटन स्थल बनाने का प्रयास है।
एक अन्य रिसोर्ट संचालक हेमंत ने बताया, “पहले हम केवल व्यवसाय पर ध्यान देते थे, लेकिन अब सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। हम अपने स्टाफ को भी प्रशिक्षित कर रहे हैं ताकि कोई संदिग्ध व्यक्ति अंदर न घुस सके।”
दीपिका साहू, ग्राम पंचायत मनघटा की पंच ने कहा, “रिसोर्ट संचालकों का यह कदम सराहनीय है। महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा अब पहले से बेहतर होगी। पंचायत भी इसमें पूरा सहयोग देगी।”
रिसोर्ट संचालकों के इन सख्त फैसलों से मनघटा में पर्यटन व्यवसाय पर क्या असर पड़ेगा, यह तो समय बताएगा, लेकिन स्थानीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर जागरूकता जरूर बढ़ गई है। प्रशासन से भी इस दिशा में सख्त निगरानी की मांग की जा रही है।



