छत्तीसगढ़

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना पर कलेक्टर सख्त, ”लोन मंजूर होते ही खाते में पहुंचनी चाहिए राशि”

बलौदाबाजार: प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है. योजना की धीमी प्रगति, बैंक ऋण में देरी और कुछ वेंडरों की लापरवाही पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया है.

शुक्रवार को समीक्षा बैठक में कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि योजना के तहत यदि किसी हितग्राही का लोन स्वीकृत हो चुका है, तो बैंक तत्काल राशि उसके खाते में ट्रांसफर करें. अनावश्यक देरी या बिना वजह आवेदन निरस्त करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

”लोगों को दौड़ाना बंद करें, योजना का लाभ समय पर दें”

कलेक्टर ने बैंकों को निर्देश देते हुए कहा कि हितग्राहियों को बार-बार चक्कर लगवाना बंद किया जाए. यदि आवेदन और दस्तावेज पूरे हैं और ऋण स्वीकृत हो चुका है, तो भुगतान में देरी नहीं होनी चाहिए. कलेक्टर ने यह भी कहा कि कई मामलों में फॉर्म, बिना ठोस कारण के रिजेक्ट किए जा रहे हैं, जिससे लोगों में निराशा बढ़ रही है. ऐसे मामलों की पंचायतवार सूची तैयार कर प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए.

निष्क्रिय वेंडरों पर गिरेगी गाज

बैठक में सबसे ज्यादा नाराजगी उन वेंडरों को लेकर दिखाई गई, जो राशि लेने के बाद भी समय पर सोलर पैनल नहीं लगा रहे हैं. कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने स्पष्ट कहा कि ऐसे वेंडर जो काम में रुचि नहीं दिखा रहे या हितग्राहियों को परेशान कर रहे हैं, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा. उन्होंने विकासखंडवार सक्रिय वेंडरों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए ताकि लोगों को यह पता चल सके कि उनके क्षेत्र में कौन-कौन से अधिकृत और सक्रिय एजेंसियां काम कर रही हैं.

हर महीने 2 हजार पैनल लगाने का लक्ष्य

बलौदाबाजार जिले में योजना की रफ्तार बढ़ाने के लिए प्रशासन ने बड़ा लक्ष्य तय किया है. तीनों विद्युत संभागों को निर्देश दिए गए हैं कि हर महीने कम से कम 2 हजार सोलर पैनल इंस्टॉल किए जाएं. इसके साथ ही हर 15 दिन में प्रगति की समीक्षा भी होगी. प्रशासन का मानना है कि यदि तय रणनीति के अनुसार काम हुआ, तो अगले 10 महीनों में जिले का लक्ष्य आसानी से पूरा किया जा सकता है.

15,100 सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य

बलौदाबाजार जिले में अब तक 4140 लोगों ने सोलर पैनल लगवाए हैं. हालांकि इस वर्ष जिले के लिए कुल 15,100 सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अब भी बड़ी संख्या में लोगों तक योजना पहुंचाना बाकी है.

आखिर क्यों खास है यह योजना?

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है. इसका उद्देश्य आम घरों की बिजली लागत कम करना और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है.

⦁ 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगाने में करीब 1.80 लाख रुपए का खर्च आता है.

⦁ इसमें से 1.08 लाख रुपए तक सरकार सब्सिडी देती है.

⦁ हितग्राही पर केवल 72 हजार रुपए का भार आता है.

⦁ यह राशि भी करीब 3 साल में बिजली बचत से रिकवर हो जाती है.

बैंक लोन की सुविधा भी आसान

योजना का एक बड़ा फायदा यह भी है कि इसमें बैंक ऋण की सुविधा उपलब्ध है. ऑनलाइन आवेदन करते समय ही लोन का विकल्प मिलता है, जिससे लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते. लेकिन कई मामलों में बैंक स्तर पर देरी की शिकायतें सामने आई थीं, जिस पर प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाया है.

जियो टैग फोटो से होगा सत्यापन

बैठक में एक अहम फैसला यह भी लिया गया कि बैंक ऋण प्रक्रिया को तेज करने के लिए क्रेडा द्वारा लिए गए जियो टैग फोटो का उपयोग किया जाएगा. अब बार-बार मौका सत्यापन में समय बर्बाद नहीं होगा. इससे बैंक प्रक्रिया तेज होगी और लोगों को जल्दी लाभ मिलेगा.

गांव-गांव तक पहुंचेगी योजना की जानकारी

कलेक्टर ने कहा कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार बेहद जरूरी है. इसके लिए ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों, बैंक सखियों, महिला, स्व-सहायता समूहों का सहयोग लिया जाएगा. प्रशासन चाहता है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोग योजना के फायदे समझें और अधिक से अधिक आवेदन करें.

प्रशासन का फोकस: लक्ष्य भी, गुणवत्ता भी

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हितग्राहियों को समय पर जानकारी मिले. इंस्टॉलेशन सही तरीके से हो. भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी रहे. शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए

लोगों में बढ़ रहा सोलर का रुझान

बिजली बिलों में बढ़ोतरी और सरकारी सब्सिडी के कारण अब लोगों का रुझान तेजी से सोलर ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग अब इसे लंबे समय की बचत और बेहतर निवेश के रूप में देखने लगे हैं.

बिजली बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण

सोलर ऊर्जा सिर्फ आर्थिक राहत नहीं देती, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाती है

⦁ कोयला आधारित बिजली पर निर्भरता कम होती है

⦁ प्रदूषण घटता है

⦁ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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