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छत्तीसगढ़ी बफैलो (भैंस) को राज्य की पंजीकृत नस्ल के रूप में प्रमाणित किया

सबका संदेश न्यूज़ छत्तीसगढ़ रायपुर- धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ी बफैलो (भैंस) को राज्य की पंजीकृत नस्ल के रूप में प्रमाणित किया गया है। छत्तीसगढ़ कामधेनु विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय पशु अनुवांशिकी ब्यूरो करनाल के संयुक्त प्रयास से छत्तीसगढ़ राज्य की स्थानीय भैंसों का प्रमाणीकरण किया गया है।

पिछले कुछ वर्षों से उनके शारीरिक लक्षणों, उत्पादन व प्रजनन विशेषताओं को परखा जा रहा था। शोध कार्य, प्राप्त जानकारी और परिणामों के आधार पर संस्थान ने यहां की स्थानीय प्रजाति की भैंसों को पंजीकृत किया है। 12 दिसंबर को छत्तीसगढ़ बफैलो के पंजीकरण का प्रमाण-पत्र केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन के हाथों कृषि भवन नई दिल्ली में दिया जाएगा। इस दौरान कुलपति डॉ. नारायण पुरुषोत्तम दक्षिणकर और पशुचिकित्सा, पशुपालन कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. मोहन सिंह उपस्थित रहेंगे।

 

 

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2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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