टिड्डी दल के राज्य में प्रवेश की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए नियंत्रण के लिए जिला स्तर एवं विकासखंड स्तर पर नियंत्रण कक्ष एवं नोडल अधिकारी गठित

सबका संदेस न्यूज़ छत्तीसगढ़-
टिड्डी दल के राज्य में प्रवेश की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए नियंत्रण के लिए जिला स्तर एवं विकासखंड स्तर पर नियंत्रण कक्ष एवं नोडल अधिकारी गठित
कवर्धा,। राज्य सरकार के कृषि विभाग द्वारा अवगत कराया गया है कि टिड्डी दल राजस्थान होते हुए मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र तक पहुंच गया है। महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश के सीमावर्ती होने के कारण टिड्डी के छत्तीसगढ़ में भी प्रवेश की संभावना है। कलेक्टर श्री रमेश कुमार शर्मा ने टिड्डी दल के राज्य में प्रवेश की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए नियंत्रण हेतु जिला स्तर एवं विकासखंड स्तर पर नियंत्रण कक्ष एवं नोडल अधिकारी गठित किया गया है।
जिला स्तर पर कबीरधाम के वनमंडलाधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उपसंचालक कृषि, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, सहायक संचालक को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसी प्रकार विकासखंड कवर्धा के लिए एसडीएम कवर्धा, तहसीलदार कवर्धा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कवर्धा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कवर्धा, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर कवर्धा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कवर्धा, वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी कवर्धा को नोडल अधिकारी गठित किया गया है। इसी तरह विकासखंड बोड़ला के लिए एसडीएम बोड़ला, तहसीलदार बोड़ला, थाना प्रभारी बोड़ला, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बोड़ला, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर बोड़ला, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बोड़ला, वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी बोड़ला को, विकासखंड पंडरिया के लिए एसडीएम पंडरिया, तहसीलदार पंडरिया, थाना प्रभारी पंडरिया, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पंडरिया, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर पंडरिया, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पंडरिया, वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी पंडरिया को और विकासखंड सहसपुर लोहारा के लिए एसडीएम कवर्धा, तहसीलदार सहसपुर लोहारा, थाना प्रभारी सहसपुर लोहारा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर सहसपुर लोहारा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सहसपुर लोहारा, वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी सहसपुर लोहारा को नोडल अधिकारी गठित किया गया है। सचिव/ग्राम रोजगार सहायक, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी, वनरक्षक एवं कोटवार ग्राम स्तरीय दल होंगे।
कृषि उपसंचालक श्री एमडी डड़सेना ने बताया कि ग्राम स्तरीय दल द्वारा टिड्डी दल के जिले में प्रकोप की आशंका को दृष्टिगत रखते हुए, ग्राम पंचायतों के माध्यम से ग्राम में मुनादी कराकर ग्रामीणजनों को इस आपदा के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। टिड्डी दल प्रकोप की स्थिति में बचाव के क्या-क्या उपाए किये जा सकते है। इस संबंध में ग्रामीणजनों को जागरूक करना। टिड्डी दल के प्रकोप से बचाव के लिए टिड्डी दल को वर्तमान में हरे पेड़ों, फसलों पर बैठने नहीं देना, इसके लिए ध्वनि विस्तारक यंत्र मांदर, ढोलक, डी.जे. खाली टीन के डिब्बे, थाली, टै्रक्टर का सायलेंसर निकालकर चलाना इत्यादि का सामूहिक रूप से प्रयोग करते हुए तेज ध्वनि उत्पन्न करना चाहिए, जिससे टिड्डी पेंड़ों, फसलों पर नहीं बैठते हुए आगे प्रस्थान कर जाती है। टिड्डी दल प्रकोप होने पर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधन जैसे टै्रक्टर आपरेटेड पावर स्प्रेयर, शक्ति चलित स्प्रे पंप, हस्तचलित स्प्रे पंप इत्यादि को रासायनिक कीटनाशकों के छिड़काव हेतु तैयार रखना। अग्निशमन यंत्र को उप संभाग स्तर पर अधिग्रहित कर तैयार रखा जायें, ताकि आपदा की स्थिति में तत्काल प्रकोपित क्षेत्र में रासायनिक नियंत्रण हेतु पहुंचाया जा सके। नजदीकी पुलिस थानों एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में सतत् संपर्क में रहकर सूचनाओं का आदान प्रदान करते रहें। सामान्यतः टिड्डियों का झुण्ड दिन के समय उड़ता रहता है एवं शाम होने पर सायं 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक पेड़ों पर, झाड़ियों में, फसलों आदि पर बसेरा कर रात्रि विश्राम करता है एवं सूर्योदय के उपरांत पुनः उड़कर हवा की दिशा में आगे की ओर बढ़ता है। ऐसी स्थिति में यदि सायं के समय टिड्उी दल का प्रकोप हो गया तो सुबह 4 बजे से सूर्योदय तक कीटनाशी दवाएं का छिड़काव करें। टिड्डी दल के आक्रमण के समय यदि कीटनाशी दवा उपलब्ध नहीं हो तो ऐसी स्थिति में टै्रक्टर चलित पावर स्प्रे के द्वारा तेज पानी के बौछार में भी भगाया जा सकता है। टिड्डी दल यदि दिन के समय खेतों या मेंढ़ों, हरियाली पर बैठते है एवं संपूर्ण वनस्पति को नष्ट करते है, ऐसे में इस आपदा के प्रभावी नियंत्रण हेतु अनुविभाग स्तर एवं जिला स्तर पर गठित दल के सतत् संपर्क में रहकर टिड्डी दल प्रकोप के संबंध में त्वरित सूचनाओं का आदान प्रदान करेंगे। अनुविभाग स्तरीय दल द्वारा जिला स्तरीय दल के संपर्क में रहकर अद्यतन सूचनाओं का ग्राम स्तर पर प्रसारण, संबंधित पुलिस थानों को सूचित कर वायरलेंस सेट के माध्यम से सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान एवं ग्राम स्तरीय दल की सहायता और टिड्डी दल के प्रकोप से बचाव हेतु उपलब्ध अग्निशामक यंत्र चालू स्थिति में मय वाहक के तैनात रखेंगे। जिला स्तरीय दल द्वारा अनुविभाग एवं ग्राम स्तरीय दल को मार्गदर्शन प्रदान करना। टिड्डी दल से बचाव हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना तथा सीमावर्ती जिले एवं राज्यों के प्रशासनिक अमले से संपर्क कर आवश्यक सूचनाएं गठित दलों तक प्रसारित करना। टिड्डी दल के प्रभावी नियंत्रण हेतु जिले की फसल, वन आपदा की सुरक्षा को दृष्टिगत कीटनाशकों के उपयोग हेतु लगने वाले आवश्यक यंत्रों, कीटनाशकों की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
विज्ञापन समाचार के लिए सपर्क करे-9425569117/7580804100




