नेपाल पहुंचे आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ, भारतीय सेना में गोरखाओं की भर्ती का खुल सकता

सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ की नेपाल यात्रा कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण है। नेपाल में नई सरकार के गठन के बाद वहां गोरखाओं की भारतीय सेना में भर्ती की मांग जोर पकड़ रही है। माना जा रहा है कि पिछले चार साल से लंबित इस मुद्दे पर नए सिरे से बात हो सकती है। जनरल धीरज सेठ यूं तो नेपाली सेना से परंपरानुसार जनरल की मानद उपाधि लेने जा रहे हैं, लेकिन इस दौरान वे नेपाली सेना प्रमुख और शीर्ष नेतृत्व से मिलेंगे। समझा जाता है कि इस दौरान नेपाली गोरखाओं की अग्निवीर योजना में भर्ती पर भी बात होगी। वे पूर्व सैनिकों की रैली को भी संबोधित करेंगे।
नेपाल ने इनकार किया था
वर्ष 2022 में अग्निपथ योजना शुरू होने पर नेपाल ने गोरखाओं की भर्ती से इनकार कर दिया था। इसके पीछे यह तर्क दिया गया कि भारत ने सेना में भर्ती के नियम बदलकर नेपाल, भारत और ब्रिटेन के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते का उल्लंघन किया है। इसके बाद नेपाल में भारतीय सेना के दो भर्ती केंद्र भी बंद हो गए थे। इस बीच भारतीय सेना के पूर्व गोरखा सैनिकों ने यह मांग उठाई है कि अग्निपथ योजना में नेपाली नौजवानों को शामिल होना चाहिए।
रक्षा मंत्रालय ने कहा, मजबूत होंगे रिश्ते
सेना प्रमुख के नेपाल दौरे को लेकर रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य भारत-नेपाल के रक्षा सहयोग को मजबूत और दोनों देशों की सेनाओं के आपसी संबंधों, सहयोग एवं समन्वय को सुदृढ़ करना है।
भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों के साथ संवाद करेंगे
जनरल सेठ 18 अगस्त को शिवपुरी स्थित आर्मी कमांड एंड स्टाफ कॉलेज के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करेंगे। वे प्रशिक्षकों और विदेशी प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ भी संवाद करेंगे। जनरल सेठ 19 अगस्त को पोखरा में आयोजित पूर्व सैनिक रैली में शामिल होंगे। उसी दिन वे स्वदेश लौट आएंगे। नेपाल सेना के प्रवक्ता राजाराम बस्नेत के अनुसार, राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल उन्हें नेपाली सेना के मानद ‘जनरल’ पद से सम्मानित करेंगे। सोमवार को दोनों देशों के सेना प्रमुख आपसी सैन्य सहयोग पर चर्चा करेंगे। मानद पद देने की यह परंपरा 1950 में शुरू हुई थी, जिसके तहत नेपाल और भारत एक-दूसरे के सेना प्रमुखों को जनरल का मानद पद प्रदान करते हैं।


