स्वास्थ्य/ शिक्षा

नाश्ते में बनाएं कच्चे केले की कुरकुरी टिक्की, स्वाद और सेहत का मिलेगा बेहतरीन कॉम्बिनेशन

दिन की शुरुआत अगर पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ते से हो, तो पूरे दिन शरीर में ऊर्जा बनी रहती है. हालांकि रोज-रोज एक ही तरह का नाश्ता खाने से अक्सर लोग ऊब जाते हैं. ऐसे में अगर आप कुछ नया, हेल्दी और चटपटा ट्राई करना चाहती हैं, तो कच्चे केले की टिक्की एक शानदार विकल्प हो सकती है. ये रेसिपी स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ पोषण से भी भरपूर है. खास बात यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर सामान आसानी से घर की रसोई में मिल जाते हैं. इसे सुबह के नाश्ते, शाम के स्नैक या टिफिन के लिए भी तैयार किया जा सकता है. आइए जानते हैं इसकी आसान रेसिपी.

कच्चे केले की टिक्की बनाने के लिए केलों को कितनी सीटी आने तक उबालना चाहिए?

  • एक सीटी
  • तीन सीटी
  • दो सीटी
  • चार सीटी
  • 3 से 4 उबले हुए कच्चे केले
    3 बड़े चम्मच ओट्स का पाउडर
    बारीक कटी हरी मिर्च
    कटा हुआ हरा धनिया
    बारीक कटा प्याज
    थोड़े से कॉर्न
    स्वादानुसार नमक
    1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर
    तेल या देसी घीटिक्की बनाने का तरीका
    सबसे पहले कच्चे केलों को अच्छी तरह धो लें और प्रेशर कुकर में दो सीटी आने तक उबाल लें. जब केले ठंडे हो जाएं, तो उनका छिलका हटाकर उन्हें अच्छी तरह मैश कर लें. ध्यान रखें कि मिश्रण में गांठें न रहें.
    अब एक बड़े बाउल में मैश किए हुए केले डालें. इसमें ओट्स पाउडर, हरी मिर्च, हरा धनिया, प्याज, कॉर्न, जीरा पाउडर और नमक मिलाएं. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर एक मुलायम मिश्रण तैयार कर लें.इसके बाद अपनी पसंद के अनुसार गोल या चपटी टिक्कियां बना लें. एक पैन में थोड़ा सा तेल या घी गर्म करें और टिक्कियों को मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंकें. जब टिक्कियां कुरकुरी और हल्की ब्राउन दिखने लगें, तो उन्हें प्लेट में निकाल लेंबोनस टिप्स
    टिक्कियों को सेंकने से पहले 10 से 15 मिनट के लिए फ्रिज में रखने से उनका आकार बना रहता है और वे टूटती नहीं हैं. बेहतर स्वाद के लिए मिश्रण में थोड़ा अदरक पेस्ट मिलाया जा सकता है. अगर आपको हल्का खट्टा स्वाद पसंद है, तो थोड़ा अमचूर पाउडर भी डाल सकते हैं. इन स्वादिष्ट टिक्कियों को हरी चटनी या इमली की मीठी-खट्टी चटनी के साथ परोसें. ये हेल्दी रेसिपी बच्चों और बड़ों दोनों के लिए बेहतरीन नाश्ता साबित हो सकती है

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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