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IAS मृणाल मीना: सुबह 4 बजे पहुंचे अस्पताल, जीता आदिवासियों का दिल, लोग बोले- कलेक्टर हो तो ऐसा

भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी मृणाल मीना अब मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला कलेक्टर होंगे. मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने हाल ही में आठ आईएएस अधिकारियों के तबादले करते हुए 2015 बैच के अफसर मृणाल मीना को बालाघाट से छतरपुर स्थानांतरित किया है.

आईएएस मृणाल मीना बालाघाट से 31 जुलाई को कार्यमुक्त होकर जल्द ही छतरपुर जिला कलेक्टर के पद पर कार्यभार संभालेंगे. बालाघाट में मृणाल मीना का प्रभार 2017 बैच के आईएएस कुमार सत्यम संभालेंगे, जिनका अपर कलेक्टर ग्वालियर के पद से बालाघाट में ट्रांसफर हुआ है.छतरपुर के लोगों को नए जिला कलेक्टर आईएएस मृणाल मीना से ढेरों उम्मीदें हैं. ये वही जिला कलेक्टर हैं, जिन्होंने बालाघाट में करीब एक साल के कार्यकाल के दौरान न केवल यहां के आदिवासियों के दिलों में जगह बनाई, बल्कि बालाघाट जिला अस्पताल की कायापलट भी कर दी. 

नक्‍सलवाद प्रभाव‍ित ज‍िला रहा बालाघाट

महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सीमा से लगा बालाघाट जिला मध्य प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में से एक रहा है. यहां डेढ़ से दो सौ गांव आदिवासी बहुल हैं. आदिवासियों और जिला प्रशासन के बीच कामकाज को लेकर लंबे समय से दूरी रही है, मगर आईएएस मृणाल मीना ने आदिवासियों के लिए विशेष काम करके इस दूरी को कम किया है.बालाघाट जिला कलेक्टर रहते हुए आदिवासी गांवों में मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने पर जोर दिया. गांव-गांव में बिजली पहुंचाई, नए खंभे लगवाए गए, खराब पड़े ट्रांसफार्मरों को बदला गया और नई सड़कें बनाने का काम भी शुरू किया. बालाघाट के नए जिला कलेक्टर आईएएस कुमार सत्यम के सामने इन कार्यों को जारी रखने की चुनौती रहेगी.

बालाघाट जिला अस्पताल की बदली सूरत

आईएएस मृणाल मीना के बालाघाट में बेहतरीन कार्यों में से एक है जिला अस्पताल की कायापलट. इनके प्रयासों से बालाघाट जिला अस्पताल में न केवल साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार हुआ है, बल्कि मरीजों को समय पर इलाज भी मिल रहा है. करीब डेढ़ माह पहले तो मृणाल मीना तड़के करीब चार बजे बालाघाट जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण करने पहुंच गए थे. तब हर क‍िसी शख्‍स के मुंह से यही न‍िकला क‍ि ‘ज‍िला कलेक्‍टर हो तो ऐसा हो!’ 

कौन हैं आईएएस मृणाल मीना?

IAS मृणाल मीना मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर के गांव नथवार के रहने वाले हैं. इन्होंने NALSAR यूनिवर्सिटी हैदराबाद से कानून की पढ़ाई की. 18 मार्च 1990 को जन्मे मृणाल मीना ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2014 में अखिल भारतीय स्तर पर 174वीं रैंक हासिल की थी. मध्य प्रदेश कैडर में आईएएस बनने के बाद मृणाल मीना की पहली पोस्टिंग रीवा जिले में बतौर सहायक कलेक्टर के पद पर हुई.

रीवा के बाद IAS मृणाल मीना ने मध्य प्रदेश के सबलगढ़ एसडीएम और नगर निगम कमिश्नर के पद पर भी सेवाएं दीं. उज्जैन जिला पंचायत सीईओ और महाकाल मंदिर प्रशासक के पद की जिम्मेदारी भी बखूबी संभाली. बतौर जिला कलेक्टर 12 अगस्त 2024 को पहली बार बालाघाट में पोस्टिंग मिली. यहां से 28 जुलाई 2026 को छतरपुर कलेक्टर पद पर ट्रांसफर हो गया. 

वहीं, मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड की अप्रैल 2026 की जिला-स्तरीय रैंकिंग में भी जिले ने पहला स्थान हासिल कर अपनी कार्यकुशलता साबित की. इसके अलावा, राज्य स्तर पर विभिन्न श्रेणियों में दिए गए 11 प्रमुख पुरस्कारों में से 3 प्रथम पुरस्कार बालाघाट की संस्थाओं को प्राप्त होना जिले के लिए बड़े गौरव की बात रही. 

हाल ही में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का त्वरित निराकरण करने में भी बालाघाट प्रदेश में शीर्ष पर रहा, जिसमें वित्त विभाग का योगदान बेहद खास था. कुल मिलाकर, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनसमस्याओं के समाधान को लेकर मृणाल मीना की सक्रिय कार्यशैली ने बालाघाट जिले के विकास को एक नई गति दी है.  

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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