गेल ने एनएफएल की गैस सप्लाई आधी की, यूरिया उत्पादन घटा

मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध का असर दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को केंद्र सरकार ने देश में गैस इमरजेंसी लागू कर दी। इसके तहत अब गैस से संसाधनों को रसोई गैस के उत्पादन में प्राथमिकता से लगाया जाएगा। इसके अन्य व्यवसायिक इस्तेमाल में कटौती शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानि गेल के विजयपुर स्थित प्लांट ने एनएफएल के यूरिया संयंत्र को सप्लाई में कटौती करना शुरू कर दिया है।
गौरतलब है विजयपुर का एनएफएल प्लांट गैस पर आधारित है। गैस की सप्लाई घटाने से यूरिया का उत्पादन भी प्रभावित हो गया है। सूत्र बताते हैं कि उत्पादन में 50 फीसदी तक की कटौती कर दी गई है। संयंत्र के अधिकारियों ने भी उत्पादन प्रभावित होने की बात स्वीकार की है। उधर सोशल मीडिया पर पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर अफवाहें फैल रही हैं। इसे लेकर पेट्रोल पंप संचालकों की ओर से स्पष्टीकरण दिया जा रहा है कि अभी ऐसी स्थिति नहीं है।
एनएफएल का विजयपुर स्थित यूरिया प्लांट में गैल द्वारा मीथेन गैस की सप्लाई होती है। सूत्रों ने बताया कि प्लांट की दोनों यूनिट में कुल 4 स्टीम लाइन से गैस सप्लाई होती है। इसमें से दो में शुक्रवार को सप्लाई बंद हो गई। प्लांट में रोजाना 6200 टन यूरिया बनती है। गैस की कमी होने से उत्पादन 2500 से 3000 टन रह गया है। वहीं प्लांट के मानव संसाधन विभाग के प्रबंधक विक्रम रावत ने कहा कि गैस की सप्लाई में उतार-चढ़ाव आ रहा है। इससे उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि यह कहना मुश्किल है कि यह स्थिति कब तक रहेगी। हो सकता है कि कल तक सब ठीक हो जाए। हम केंद्र सरकार के आदेशानुसार ही काम कर रहे हैं।



