पुण्यतिथि पर कराया गया ज्ञान सप्ताह का आयोजन

दुर्ग। पाटन नगर के पास स्थित ग्राम बठेना मे स्व.शिव कुमार साहू की प्रथम पूण्य तिथि के अवसर पर उनके सुपुत्र वीरेन्द्र साहू, मनोज साहू द्वारा सप्ताह ज्ञान का आयोजन किया है। जिसमें भागवताचार्य पं.कृष्ण कुमार तिवारी ने कहा कि भागवत ग्रंथ की बहुत बडी महिमा है जिनके भाग्य प्रबल होते है और जिनके ऊपर भगवान की कृपा होती है उन्ही को ही भागवत कथा श्रवण का लाभ मिलता है एक तो मनुष्य जीवन मिलना ही कठिन है ऊपर से सत्संग का लाभ, इसे भगवान का विशेष कृपा ही समझना चाहिए। भागवत कथा के प्रथम दिन आज महाराज द्वारा परीक्षित के जन्म विशेष पर प्रकाश डाला गया, कि किस प्रकार भगवान श्री कृष्ण अंगुष्ठ मात्र सुक्ष्म शरीर धारण कर भगवान, उत्तरा के गर्भ मे प्रविष्ट होकर, गर्भ मे स्थित बालक परीक्षित का रक्षा किया। परमेश्वर के द्वारा रक्षित होने के कारण बालक का नाम परीक्षित पडा, दुसरा परीक्षित नाम पडने का कारण कि परिवार को क्षीण होने से बालक ने बचाया इसलिये उस बालक का नाम पड़ा परीक्षित, बालक परीक्षित का वास्तविक नाम विष्णु रात्र नाम था। राजा परीक्षित एक महान धर्मात्मा राजा था जिनके प्रभाव से कलयुग भी डरता था, परंतु राजा परीक्षित ने कलयुग को पांच जगह स्थान दिया, जुआ जहा खेलते है जुआघर मे, दुसरा मदिरालय, तीसरा वैश्यालय, चौथा हिंसा, पांचवा अनीति पूर्वक संग्रह किया गया स्वर्ण मे, कलयुग के प्रभाव मे आकर राजा परीक्षित समीक महात्मा का अपमान किया मरे हुए सर्प को महात्मा समीक के गला मे लपेट कर आकर, समीक महात्मा का पुत्र श्रृंगी ऐसे दृश्य को देखकर राजा परीक्षित को सातवे दिन तक्षक नाग काटने से मृत्यु हो जायेगे श्राप दे दिया, तब राजा परीक्षित शुकदेव जी के शरण मे जाकर भागवत कथा श्रवण किया। भागवत के चार अक्षर मे चार विशेष तत्व है। भ से भक्ति, ग से ग्यान, व से वैराग्य और त से तत्वज्ञान अर्थात मोक्ष की प्राप्ति भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और मोक्ष को दिलाने वाली कथा को भागवत कथा कहते है। भागवत के प्रथम दिन से ही समस्त ग्राम वासी बडी संख्या मे आकर इस दिव्य ज्ञान का लाभ उठा रहे है। भव्य पंडाल, और आयोजक परिवार द्वारा विशेष व्यवस्था से सभी भक्त जन पधारकर भागवत कथा का लाभ ले रहे है, कथा और संगीत का समायोजन से सभी ग्राम वासी आनंदित है।



