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जेल में बंद पति-पत्नी को दिया जाता है एक अलग बैरक ? जानें क्या है नियम

झांसी: लोकल 18 की जेल सीरीज में अभी तक आपने जेल से जुड़े कई तथ्यों के बारे में जाना. आपने अभी तक समझा की जेल में कैदी किस प्रकार काम करते हैं. कैदियों को कितने पैसे मिलते हैं. जेल में शादी होती है या नहीं. इन सभी सवालों के जवाब आपको मिले. लेकिन, जेल में अगर पति-पत्नी बंद हो तो उनके लिए नियम क्या होते हैं. क्या उनके लिए एक ही बैरक होते हैं?इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमने झांसी जिला जेल के अधीक्षक विनोद कुमार से बात की. विनोद कुमार ने बताया कि जेल में पुरूष और महिला बंदी को अलग-अलग रखा जाता है. दोनों के बैरक अलग बने हुए हैं. अगर पति-पत्नी भी जेल में बंद हो तब भी उन्हें अलग बैरक में ही रखा जाता है. इनके लिए कोई अलग से नियम नहीं है. सुरक्षा कारणों से पुरुष और महिला बंदियों को अलग ही रखा जाता है.खास मौकों पर होती है मुलाकात
जेल अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि जेल में बंद पति-पत्नी की मुलाकात किसी खास अवसर पर ही करवाई जाती है. करवा चौथ जैसे त्योहार पर दोनों की मुलाकात कॉमन एरिया में कुछ समय के लिए करवाई जाती है. भारत की जेलों में कई ऐसे कैदी बंद हैं जो रिश्ते में पति-पत्नी हैं. इस दौरान उन्हें अलग बैरक में ही रहना होता है और आम कैदियों की तरह ही सुविधाएं मिलती हैं.

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2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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