छत्तीसगढ़दुर्ग भिलाई

घटिया और स्तरहीन हो रहा था पीएम आवास का निर्माण, महापौर ने रूकवाया काम,

एजेंसी और ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही करने आयुक्त को दिये निर्देश

और कहा राज्य सरकार को भी दे इनकी करतूतों की जानकारी

दुर्ग ! प्रधानमंत्री आवास योजना के महत्वपूर्ण एएचपी के अंतर्गत पुलगांव में गोकुल नगर के पास बनाये जा रहे आवास का आज महापौर श्रीमती चंद्रिका चंद्राकर औचक निरीक्षण कर कार्य की स्तरहीन निर्माण करने व मापदण्ड का पालन नहीं किये जाने पर तत्काल आयुक्त सुनील अग्रहरि को मौके पर तलब कर निर्माण कार्य में रोक लगाने एवं संपूर्ण कार्य देखने वाले एजेंसी पीएमसी के द्वारा सही मॉनिटरिंग करने व ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही करने के सख्त निर्देश दिये। इस मौके पर लोक कर्म प्रभारी दिनेश देवांगन, राजस्व प्रभारी शिवेन्द्र परिहार, आवास योजना के नोडल अधिकारी टी0के0 देव, सहा0 अभियंता जितेन्द्र समैया, सूडा इंजीनियर अभिषेक मिश्रा उपस्थित थे।

भारत सरकार की सबसे महत्वकांक्षी योजना का बेहतर निर्माण व क्रियान्वयन हेतु नगर पालिक निगम दुर्ग संकल्पित है। शहरी गरीबों के लिए बेहतर व सर्वसुविधा आवास बनाने पुलगांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 24 करोड़ की लागत से बनाये जाने वाले 408 यूनिट निर्माण कराया जाना है। जिसके प्रथमचरण के 08 यूनिट निमार्णधीन मकान जिसे 15 दिनों में प्लींथ से ऊपर मोनोलिथिक पद्धति से तीन मंजिला मकान का संपूर्ण स्ट्रैक्चर तैयार कर दिया गया है किन्तु इस मकान को पहली नजर में देखने से ही स्तरहीन दिखाई दे रहा है। जिसकी जानकारी महापौर श्रीमती चंद्राकर को मिलने पर एमआईसी सदस्यों व अधिकारियों के साथ कार्य का औचक निरीक्षण करने शाम 5.00 बजे पुलगांव आवास निर्माण स्थल पहुॅची । जहॉ पाया गया कि मकान के निर्माण में प्लींथ से बाहर वाल निर्माण कर पूरा बिल्डिंग खड़ा कर दिया गया है जिससे मकान टेड़ा-मेड़ा दिखाई दे रहा है साथ ही पूरे दिवार और छतों में जगह-जगह दरार दिखाई दे रहा है। जिसे रिपेयर कर छुपाने का प्रयास किया जा रहा था। इसके अलावा इस पूरे निर्माण कार्य के तहत् मटेरियल टेस्ट करने के लिए लगायी गयी क्यूब टेस्ट मशीन भी बंद पड़ी है और मौके पर महापौर जी द्वारा जानकारी लेने पर पीएमसी अधिकारी द्वारा अन्य निर्माण एजेंसी द्वारा बीएसबीके द्वारा मटेरियल टेस्ट कराने की बात बतायी गयी है। जिसकी पता साजी करने पर गलत जानकारी पायी गयी। इसके अलावा इस पूरे आवास निर्माण में केन्द्र शासन द्वारा जो गाईड लाईन दिया गया है उसका भी पालन नहीं किया जा रहा है। बड़ी संख्या में कार्य पर लगे मजदूर जो निर्माण स्थल पर अस्थाई रुप से निवास बनाकर रहते हैं उनके लिए मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराया गया है शौचालय के अभाव में सभी मजदूर खुले में शौच करते हैं तथा उनके अस्थाई आवास के बाहर खुले में पानी के जमावाड़ा होने कारण गंदगी से गंभीर बीमारी की संभावना बनी हुई है। इस प्रकार संपूर्ण आवास निर्माण में कार्य एजेंसी और निगरानी एजेंसी द्वारा घोर लापरवाही बरती जा रही है जिसे देख कर आज महापौर ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुये कार्य एजेंसी के इंजीनियर को जमकर फटकार लगायी तथा वहीं से अपने मोबाइल से आयुक्त श्री अग्रहरि को संपूर्ण जानकारी देकर निर्माण स्थल पर बुलायी। जिसे आयुक्त ने भी देखकर अचंभित हो गये। तत्पश्चात महापौर श्रीमती चंद्राकर ने निर्माण कार्य को रुकवाने का निर्देश देते हुये एजेंसी के खिलाफ भी सख्त कार्यवाही कर केन्द्र व राज्य शासन को भी अवगत कराने कहा ।

इस अवसर पर आयुक्त श्री अग्रहरि ने भी कार्य की गुणवत्ता को करीब से देखा तथा निर्माण कार्य को प्रथम दृष्टया मानक के अनुरुप नहीं मानते हुये निगम अधिकारियों को निर्देशित कर कहा शीघ्र ही पीएमसी खिलाफ सेवा समाप्त करने शासन को पत्र लिखने व ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही हेतु नोटिस जारी करने कहा तब तक कार्य को रोकने निर्देश दिये।

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