छत्तीसगढ़

मुरारी पारा में मुंशी प्रेमचंद जयंती कार्यक्रम आयोजन

कोंडागांव । शासकीय प्राथमिक शाला मुरारी पारा बड़े बेंद्री में महान साहित्यकार एवं कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद जी की 125 वीं जयंती के पावन अवसर पर संस्था प्रभारी  पवन कुमार साहू शिक्षिका श्रीमती उत्तरा साहू एवं छात्र छात्राओं की उपस्थिति में आयोजन किया गया।

इस अवसर पर संस्था प्रभारी पवन कुमार साहू ने मुंशी प्रेमचंद जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुंशी प्रेमचंद जी का जन्म 1880 में बनारस के पास लमही नामक गांव में हुआ प्रेमचंद जी का अधिकारी का नाम धनपत राय था 1921 में उन्होंने ब्रिटिश सरकार के नौकरी छोड़ दी और लेखन और प्रकाशन को अपना महत्त्व पूर्ण कालिक पेशा बना लिया। प्रेमचंद गोदान, गबन, सेवा सदन, निर्मला इत्यादि उपन्यासों सहित उन्होंने करीबन ढ़ाई सौ कहानियां लिखे मुंशी प्रेमचंद जी ने कहा था कि “देश का उद्धार विलास द्वारा नहीं हो सकता इसके लिए सच्चा त्यागी होना आवश्यक है” ।इस अवसर पर संस्था के छात्र-छात्राओं द्वारा सामूहिक पुस्तक वाचन एवं श्रुतलेखन किया गया।

Related Articles

Back to top button