Category: खेल

BCCI व खिलाड़ियों के बीच संवाद की कमी

भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का 24 घंटे के अंदर डीबी देवधर ट्रॉफी से हट जाना इस बात की तरफ संकेत करता है कि खिलाड़ी और BCCI के बीच संवाद की कमी है। अश्विन हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में चार से आठ मार्च तक होने वाली डी बी देवधर ट्रॉफी में इंडिया ए का कप्तान बनाये जाने के 24 घंटे बाद ही चोट के कारण इस टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने बताया है कि अश्विन को हल्की चोट है और बोर्ड की मेडिकल टीम ने उन्हें एक सप्ताह के आराम की सलाह दी है। सीनियर चयन समिति ने अश्विन की जगह लेफ्ट आर्म स्पिनर शाहबाज नदीम को टीम में शामिल किया गया है और अंकित बावने को इंडिया ए का कप्तान बनाया गया है।

अंकित पहले इंडिया बी टीम में थे और इंडिया बी टीम में उनकी जगह अक्षदीप नाथ लेंगे। अश्विन को इससे पहले आईपीएल टीम किंग्स इलेवन पंजाब का भी कप्तान बनाया गया था। यह दिलचस्प है कि BCCI ने जब अश्विन को इंडिया ए टीम का कप्तान नियुक्त किया था तो क्या उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि उन्हें चोट है और वह देवधर ट्रॉफी में नहीं खेल पाएंगे। अश्विन से पूछे बिना ही उन्हें बनाया कप्तान ऑफ स्पिनर को इंडिया ए का कप्तान नियुक्त किये जाने के 24 घंटे के अंदर BCCI को पता चलता है कि अश्विन को चोट है और वह नहीं खेल पाएंगे। इससे पता चलता है कि BCCI ने अश्विन से कुछ पूछे बिना ही उन्हें कप्तान बनाये जाने की घोषणा कर दी। इस घटना ने साफ कर दिया है कि खिलाड़ी और BCCI के बीच संवाद की कमी है वर्ना ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। अश्विन लम्बे समय से भारत की सीमित ओवरों की टीम से बाहर चल रहे हैं और टीम इंडिया की सीमित ओवरों की योजना में फिलहाल उनकी कोई भूमिका नहीं दिखाई दे रही है। अश्विन ने अपना आखिरी वनडे 30 जून 2017 को और अपना आखिरी T-20 मैच नौ जुलाई को खेला था। उसके बाद से भारत ने ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे और T-20 सीरीज खेली लेकिन अश्विन को एक भी सीरीज में मौका नहीं दिया गया।

ऑफ स्पिनर को इंडिया ए का कप्तान नियुक्त किये जाने के 24 घंटे के अंदर BCCI को पता चलता है कि अश्विन को चोट है और वह नहीं खेल पाएंगे। इससे पता चलता है कि BCCI ने अश्विन से कुछ पूछे बिना ही उन्हें कप्तान बनाये जाने की घोषणा कर दी। इस घटना ने साफ़ कर दिया है कि खिलाड़ी और BCCI के बीच संवाद की कमी है वर्ना ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। अश्विन लम्बे समय से भारत की सीमित ओवरों की टीम से बाहर चल रहे हैं और टीम इंडिया की सीमित ओवरों की योजना में फिलहाल उनकी कोई भूमिका नहीं दिखाई दे रही है। अश्विन ने अपना आखिरी वनडे 30 जून 2017 को और अपना आखिरी T-20 मैच नौ जुलाई को खेला था। उसके बाद से भारत ने ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे और ट्वंटी 20 सीरीज खेली लेकिन अश्विन को एक भी सीरीज में मौका नहीं दिया गया। अश्विन ने 111 वनडे में 150 और 46 ट्वंटी 20 में 52 विकेट लिए हैं।

आज ही के दिन भारत ने जीता था U-19 वर्ल्ड कप, टीम में खेले थे दो कोहली

क्रिकेट फैंस के लिए आज का दिन कभी ना भूला पाने वाला है। भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने आज ही के दिन यानी 2 जनवरी 2008 को दूसरी बार वर्ल्ड कप पर कब्जा किया था। भारत ने साउथ अफ्रीका को मात देकर यह खिताब अपने नाम किया था।

ऐसे किया खिताबी मैच पर कब्जा
मलेशिया के क्वालालांपुर में खेले गए इस फाइनल मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए साउथ अफ्रीका के सामने 45.4 ओवर में सभी विकेट खोकर 160 रनों का लक्ष्य रखा। कोई भी भारतीय बल्लेबाज अपने बल्ले से रन नहीं बरसा सका। ऐसा लगने लगा था कि साउथ अफ्रीका यह मैच आसानी से जीत लेगा, लेकिन अनिश्चितताओं के इस खेल को कुछ आैर ही मंजूर था। बारिश ने बाधा डाली आैर डकवर्थ लुईस के तहत साउथ अफ्रीका को 25 ओवर में जीत के लिए 116 रन का लक्ष्य मिला। लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए  दक्षिण अफ्रीकी टीम को 25 ओवर में 8 विकेट पर 103 रनों पर रोक दिया आैर और भारत ने 12 रन से जीत हासिल करते हुए वर्ल्ड कप अपने नाम कर लिया था।   अजितेश अर्गल, रवींद्र जडेजा और सिद्धार्थ कौल ने 2-2 विकेट और इकबाल अब्दुल्ला ने 1 विकेट झटके। वहींम  हुए दक्षिण अफ्रीका को 8 विकेट पर 103 के स्कोर पर रोक दिया। इस तरह भारत ने 12 रन से रोमांचक जीत हासिल करते हुए दूसरी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप कब्जा जमा लिया था। इस मैच में विराट कुछ खास नहीं कर पाए थे। वे केवल 34 गेंदें खेलकर 19 रन बनाकर ही आउट हो गए थे।

टीम में खेले थे दो कोहली 
गाैर फरमाने वाली बात यह है कि भारतीय टीम की तरफ से फाइनल मुकाबले में एक नहीं बल्कि दो कोहली खेले थे। विराट कोहली के हाथों टीम की कमान थी, तो वहीं उनके अलावा ओपन तरुवर कोहली ने बताैर ओपनर अपनी भूमिका निभाई। लेकिन यह दोनों कोहली फ्लाॅप साबित हुए। हालांकि कोहली ने कप्तान के रूप में खूब नाम कमाया आैर माैजूदा समय में वह सीनियर टीम के कप्तान हैं। ओपन तरुवर कोहली सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए थे। पंजाब के लिए खेलने वाले तरुवर कभी भारत के लिए नहीं खेल पाए। उन्होंने 29 प्रथम श्रेणी मैचों में 1477 रन और 42 लिस्ट-ए मैचों में 646 रन बनाए। वह आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए भी खेल चुके हैं। लेकिन कोहली आज क्रिकेट की दुनिया में खूब नाम कमा चुके हैं।

सौरव गांगुली को आज भी है मलाल, कप्तान रहते हुए लेना पड़ा था कड़ा फैसला

कोलकाता के चहेते बेटे सौरव गांगुली टीम इंडिया के महान कप्तानों में से एक हैं। गांगुली को ड्रेसिंग रूम में आक्रमकता जगाने के लिए जाना जाता है। उन्होंने टीम को बताया कि वह किसी भी जगह जीत दर्ज कर सकती है। गांगुली ने लगातार टीम के खिलाड़ियों का समर्थन किया और उन्हें अपने आप को अभिव्यक्त करने की इजाजत दी।  साल 2008 में रिटायर होने के बाद गांगुली क्रिकेट की प्रशासकीय गतिविधियों में काफी सक्रिय हुए और उन्होंने गेम में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया। साथ ही उन्होंने अपने क्रिकेट करियर की कई रोचक कहानियों का भी खुलासा किया। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने कप्तान रहते हुए कड़ा फैसला लेने वाली बात का खुलासा किया। कोई क्रिकेट फैन शायद ही 2003 में वह दोपहर भूला होगा जब टीम इंडिया जोहानसबर्ग में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल मुकाबला खेलने उतरी थी। टीम इंडिया के पास वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाने का शानदार मौका था। हालांकि, मैच शुरू होने से पहले गांगुली ने एक आश्चर्यजनक फैसला लेकर कई फैंस को जोरदार झटका दिया था। टीम इंडिया ने फैसला किया कि अनुभवी लेग स्पिनर अनिल कुंबले को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया जाएगा, जिससे कई फैंस स्तब्ध रह गए थे। फाइनल में टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया से शिकस्त झेलना पड़ी और टीम इंडिया के दूसरी बार वर्ल्ड कप जीतने का सपना टूट गया। फाइनल के बाद कई बार कुंबले को हरभजन सिंह के लिए अपनी जगह गंवाना पड़ी। गांगुली ने स्वीकार किया कि कुंबले को बाहर करना उनकी कप्तानी के कड़े फैसलों में से एक रहा। गांगुली ने स्पोर्ट्स्टार को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘कुंबले को अंतिम एकादश से बाहर करना कड़ा फैसला था। वह महान और शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी हैं। उनको बाहर करना मेरा सबसे कड़े फैसलों में से एक रहा।’

बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने कहा, ‘वर्ल्डस नंबर बनना है मेरा लक्ष्यह’

देश की शीर्ष महिला बैडमिंटन खिलाड़ी ने कहा है कि उनका लक्ष्य दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनना है और वह शीर्ष स्थान हासिल करने का प्रयास कर रही हैं. कुछ माह पहले करियर की सर्वश्रेष्ठ दूसरी रैंकिंग हासिल करने वाली सिंधु ने कहा कि जब 8 साल की उम्र में उन्होंने पहली बार खेलना शुरू किया था तो उनका लक्ष्य भारत का प्रतिनिधित्व करना था. सिंधु यहां अपने स्कूल ‘आक्सिलम हाई स्कूल’ एक प्रचार कार्यक्रम के दौरान छात्रों और शिक्षकों से बात कर रही थीं.
इस मौके पर सिंधु ने बताया कि मेरी मां, मेरे लिए प्रेरणा है. उन्होंने कहा, ‘मां हमेशा यह कहने के लिए मौजूद रहीं  कि अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करो और जो भी करो उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ दो. साहसी बनो और मजबूत रहो और सभी महिलाओं को ऐसा करना चाहिए और खुद पर विश्वास रखना चाहिए

वेंकटेश प्रसाद ने जूनियर चयन समिति के अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जूनियर चयन समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। प्रसाद इस पद पर 30 महीने तक रहे और अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम के विजेता बनने के एक महीने के अंदर उन्होंने यह फैसला किया। माना जा रहा है कि प्रसाद ने व्यक्तिगत कारणों से इस पद को छोड़ा है। उन्होंने कहा है कि वह हितों के टकराव से बचना चाहते हैं। BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘अभी यह स्पष्ट नहीं है लेकिन संभावना है कि वह किसी IPL फ्रैंचाइज़ी से जुड़ रहे है इसलिए वह हितों के टकराव के मुद्दे से बचना चाहते हैं।’ जब बोर्ड के कार्यवाहक अध्यक्ष सी. के. खन्ना से प्रसाद के इस्तीफे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मैंने उन्हें मनाने की कोशिश की लेकिन ऐसा लगता है कि उन्होंने अपना मन बना लिया है। खन्ना ने कहा कि उनमें (वेंकटेश) प्रतिभा की पहचान करने की शानदार काबिलियत है। विश्व चैंपियन बनने वाली जूनियर टीम के चयन में उनका योगदान सराहनीय रहा है। दिलचस्प बात यह है कि प्रसाद ने छह राष्ट्रीय चयनकर्ताओं (तीन सीनियर और तीन जूनियर) में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। प्रसाद ने 33 टेस्ट और 161 एकदिवसीय मैच खेले हैं जो बाकी चयनकर्ताओं के कुल मैचों से भी अधिक है।

हॉकी के सुलतान अजलान शाह टूर्नामेंट में भारत का पहला मुकाबला अर्जेंटीना से

अनुभवी खिलाड़ी सरदार सिंह की कप्तानी में भारतीय हॉकी टीम 27वें सुलतान अजलान शाह कप टूर्नामेंट में अपने अभियान की शुरूआत शनिवार को अर्जेंटीना के खिलाफ होने वाले मुकाबले से करेगी। विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर काबिज भारतीय टीम अपने छठे खिताब को हासिल करने के लक्ष्य से मैदान पर उतरेगी। शुअर्ड मरेन के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेने वाली भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में किसी भी टीम को हल्के में नहीं ले सकती। उसका पहला ही मुकाबला विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर काबिज अर्जेंटीना से है। ऐसे में पहला ही मैच अग्नि परीक्षा के समान है। अर्जेंटीना ने सुलतान अजलान शाह कप का खिताब एक बार अपने नाम किया है। भारतीय टीम ने इससे पहले गुरुवार को विश्व रैंकिंग में पहले स्थान की टीम आस्ट्रेलिया के खिलाफ अभ्यास मैच खेला था, जिसमें उसे 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में टीम के लिए एकमात्र गोल उपकप्तान रमनदीप सिंह ने किया था। आस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए मैच में भले ही भारत को हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन उसने अच्छी टक्कर दी थी। इस टूर्नामेंट को सबसे अधिक बार अपने नाम करने वाली आस्ट्रेलिया टीम को टक्कर देकर भारतीय टीम ने यह दर्शा दिया है कि वह किसी भी टीम को आसानी से खिताब तक नहीं पहुंचने देगी। सरदार ने इससे पहले भी भारतीय टीम की कप्तानी की है और उनकी कप्तानी में कभी भी भारत सुल्तान अजलान शाह टूर्नामेंट से खाली हाथ नहीं लौटा है। सरदार की कप्तानी में इस टूर्नामेंट में भारत ने 2008 में रजत पदक, 2015 में कांस्य और 2016 में रजत पदक जीता था। इस बार भी सरदार अपनी टीम के साथ खाली हाथ लौटना नहीं चाहेंगे। इस टीम में अनुभवी और युवा, दोनों ही खिलाड़ी हैं।

एमएस धोनी के अनुभव और भविष्य के बारे में रवि शास्त्री ने दिया बड़ा बयान –

महेंद्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्हें किसी परिचय की जरुरत नहीं है। 2004 में डेब्यू करने के बाद से धोनी ने कई मौकों पर अपने आप को साबित किया और वर्ल्ड के बेस्ट फिनिशर का टैग हासिल किया। हाल ही में धोनी को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था, लेकिन मौजूदा कप्तान विराट कोहली ने खुलकर अपने पूर्व कप्तान का समर्थन किया। वेस्टइंडीज दौरे के बाद से धोनी को अब पारी एंकर करने के लिए जाना जाने लगा है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में संपन्न टी20 इंटरनेशनल सीरीज में इस बात को अच्छे से साबित भी किया। टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री भी धोनी के कड़े समर्थक हैं और उन्होंने कहा है कि पूर्व कप्तान का अनुभव न तो खरीदा जा सकता है और न ही बाजार में बेचा जा सकता है।

रवि शास्त्री के हवाले से कोच रवि शास्त्री ने कहा, ‘मैं पहले भी कह चुका हूं कि अनुभव का कोई विकल्प नहीं हैं। इसे न तो बाजार में खरीदा और न ही बेचा जा सकता है।’ शास्त्री ने साथ ही कहा कि धोनी वन-डे क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में से एक के रूप में क्रिकेट से विदाई लेंगे। शास्त्री ने कहा, ‘धोनी वन-डे क्रिकेट के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में से एक कहलाएगा क्योंकि वह गजब हैं। धोनी के पास अपार अनुभव हैं और उनकी फिटनेस का स्तर भी लाजवाब है।’ धोनी की भूमिका भले ही अब मैच फिनिशर से बदलकर एंकर की हो चुकी हो, लेकिन शास्त्री का मानना है कि पूर्व कप्तान ने अंतिम ओवरों में जैसा प्रदर्शन करके अपनी जगह स्थापित की है, शायद ही कोई वैसी बल्लेबाजी कर पाएगा। हेड कोच ने कहा, ‘जब आपके पास धोनी जैसा खिलाड़ी हो, जो पांचवें, छठे या सातवें नंबर पर खेलने आता हो तो आपको पता है कि यह बड़ा फर्क पैदा करता है।’

विश्वकप में जगह बनाने उतरेगा दो बार का विश्व चैम्पियन वेस्टइंडीज –

दो बार की चैम्पियन रही वेस्टइंडीज टीम 2019 में होने वाले विश्व कप में जगह बनाने के लिए रविवार से यहां शुरू हो रहे क्वालीफायर मुकाबले में खेलेगी। इस टूर्नामेंट में वेस्टइंडीज का पहला मुकाबला छह मार्च को यूएई से होगा।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के अगले विश्व कप को दस टीमों तक सीमित रखने के विवादित फैसले की सबसे बुरी गाज 1975 और 1979 के चैम्पियन वेस्टइंडीज पर ही गिरी है। विश्व कप 2007 में 16 टीमों ने भाग लिया था जबकि 2011 और 2015 में 14 टीमें ही खेली थी।

क्रिकेट की आर्थिक महाशक्ति भारत 2007 विश्व कप में तीन मैचों के बाद ही बाहर हो गया था जिससे आईसीसी को काफी घाटा भी उठाना पड़ा।

अब 2019 और 2023 में नए प्रारूप के तहत टीमों को कम से कम नौ मैच खेलने को मिलेंगे। अभी तक शीर्ष आठ टीमों की ही 47 दिन तक इंग्लैंड और वेल्स में चलने वाले इस टूर्नामेंट में जगह पक्की है। वेस्टइंडीज शीर्ष दस में नहीं है जिससे उसे क्वालीफायर खेलना पड़ रहा है । यह क्वालीफायर टूर्नामेंट 25 मार्च तक चलेगा ।

WWE सीना ने इस बार ब्लू ब्रांड को कुछ फायदा तो करवाया है

27 फरवरी को हुए ब्लू ब्रांड के एपिसोड को कुल मिलाकर 2.692 मिलियन व्यूअर्स मिले। जिसकी संख्या पिछले हफ्ते 2.613 थी, यानी  सीना ने इस बार ब्रांड को फायदा पहुंचा है। हालांकि पिछले हफ्ते से कुल 80 हजार ही रेटिंग्स ज्यादा है जिसको अच्छा जंप नहीं मान सकते हैं।अगर बात कि जाए पिछले साल इसी समय की तो स्मैकडाउन की  2.566 मिलियन रेटिंग्स आंकी गई थी।

स्मैकडाउन के मेन इवेंट में जॉन सीना और एजे स्टाइल्स का मैच हुआ। इस मैच के लिए शर्त रखी गई थी कि अगर सीना जीत जाते हैं तो उन्हें फास्टलेन में खिताबी मुकाबले में मौका मिलेगा।  इस मैच को सीना ने जबरदस्त अंदाज में जीता और खुद के लिए पीपीवी में जगह बनाई। इससे पहले रॉ में जॉन सीना ने भावुक बातें करते हुए रेड ब्रांड को छोड़ दिया था। ब्लू ब्रांड में आते ही जॉन सीना ने अपने बेहतरीन प्रोमो के साथ स्मैकडाउन का  ओपनिंग सैगमेंट किया था। इस सैगमेंट में डेनियल ब्रायन और शेन मैकमैहन भी शामिल थे।

अब फास्टलेन पीपीवी में WWE चैंपियनशिप के लिए सिक्स पैक चैलेंज मैच होगा जिसमें चैंपियन एजे स्टाइल्स , जॉन सीना, केविन ओवंस, सैमी जेन, बैरन कॉर्बिन और डॉल्फ जिगलर के खिलाफ डिफेंड करने वाले हैं। फास्टलेन पीपीवी स्मैकडाउन का एक्सक्लूसिव पीपीवी है, इसके बाद सभी सुपरस्टार्स रैसलमेनिया में हिस्सा लेंगें।  फास्टलेन 11 मार्ट को होने वाली है। खैर, सीना ने इस बार ब्लू ब्रांड को कुछ फायदा तो करवाया है लेकिन देखना होगा कि ये सिलसिला कब तक चलता है।

क्वार्टर फायनल और सेमीफायनल मैच में दुर्ग इलेवन ने परचम लहराया

दुर्ग / नंदिनी अहिवारा / टेनिस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता, नवयुवक शिवराम दुर्गाउत्सव समिति के तत्वाधान में आज दो मैच हुये जिसमें

पहले क्वार्टर फायनल मैच में साथिया इलेवन और दुर्ग इलेवन के मध्य हुआ टास में साथिया इलेवन जीत कर फील्डिंग का निर्णय लिया और बल्लेबाजी के लिये दुर्ग इलेवन ने निर्धारित 8 ओवरों में 155 रन बनाये सर्वाधिक पृथ्वी ने 97 रन और आनंद 37 रन बनाये साथिया इलेवन से मयंक ने 1 विकेट, विवके 1 विकेट लिये लक्ष्य का पीछा करते हुये साथिया इलेवन ने निर्धारित 8 ओवरों में 109 रन बनायें और 46 रनों से हाल गये।साथिया इलेवन से सर्वाधिक रन बाबी 25, अभिषेक 22 रन बनाये दुर्ग इलेवन के गेंदबाजी में अभिषेक 3 विकेट, रामु 1 विकेट, विकास 1, दादू 2 विकेट लिये । इस मैच में दुर्ग इलेवन ने विजयी प्राप्त कर सेमीफायन मैच में पहुच गयी । इस मैच के मैन ऑफ़ द मैच पृथ्वी रहे ।

दूसरा मैच सेमीफायनल दुर्ग इलेवन और लाल तुफान अहिवारा के मध्य हुआ । टास दूर्ग इलेवन ने जिता और फील्डिंग करने का निर्णय लिये बल्लेबाजी के लिये लाल तुफान को अवसर मिला बल्लेबाजी करते हुये निर्धारित 8 ओवरों में 86 रन बनाये जिसमें सर्वाधिक रन सुनील 25, हरि 22, किसन 17 रन बनाये गेंदबाजी में रामु 2 विकेट, हरि 1, अभिषेक 1 विकेट लिये। लक्ष्य का पीछे करते हुये मात्र 5 ओवर 1 गेंद में दुर्ग इलेवन ने ये मैच जीत कर फायनल में पंहुच गयी। इस टिम से सर्वाधिक रन दादू 33 हरी 14 रन, आनंद 12, पृथ्वी 5 रनों का योगदान दिये। गेंदबाजी में राजेश 2 विकेट, भोले 1 विकेट, अमरनाथ 1 विकेट लिये । इस प्रकार दुर्ग इलेवन से मैन आफ द मैच दादू को टुर्नामेंट के सरंक्षक विद्यानंद कुशवाहा के द्वारा दिया गया ।

कल भी दो मैच पहला सेमीफायनल मैच कुमही और साई के मध्य होगा जो टिम जीतेगी उसे फायनल मैच दुर्ग इलेवन के मध्य खेला जायेगा । फाईनल मैच 14 फरवरी 2018 दिन बुधवार को होगा । इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सुश्री सरोज पाण्डे राष्ट्रिय महामंत्री भाजपा, अध्यक्षता लाभचंद बाफना संसदीय सचिव एवं विधायक साजा, विशिष्ठ अतिथि राजमहंत सावलाराम डाहरे विधायक अहिवारा, विशेष अतिथि मंजूलता यादव अध्यक्ष नगर पालिका अहिवारा और अध्यक्ष मो. इकरार, विजय शर्मा राजा, उपाध्यक्ष अभिषेक यादव, अरविंद गुप्ता, संरक्षक विद्यानंद कुशवाहा उपाध्यक्ष नगर पालिका अहिवारा। एवं समस्त नवयुवक शिवराम दुर्गाउत्सव समिति के सभी सदस्यगण उपस्थित होगें।