बैठक, प्रशिक्षण से लेकर स्वरोजगार तक महिलाओं को मिला अपना स्थायी मंच

महतारी सदन बना ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का केंद्र
बैठक, प्रशिक्षण से लेकर स्वरोजगार तक महिलाओं को मिला अपना स्थायी मंच
कवर्धा, 08 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “महतारी सदन” ग्रामीण महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभर रही है। महतारी सदन केवल एक भवन नहीं, बल्कि गांव की माताओं-बहनों के लिए ऐसा स्थायी केंद्र है, जहां वे संगठित होकर अपने समूह की गतिविधियों, प्रशिक्षण, आजीविका एवं सामुदायिक कार्यों को नई दिशा दे रही हैं।
राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों को मजबूत करने के उद्देश्य से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजना के अंतर्गत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) के माध्यम से महतारी सदनों का निर्माण कराया जा रहा है। इन भवनों में बैठक कक्ष, प्रशिक्षण हॉल, कार्यालय, रसोई सहित व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
कबीरधाम में 14 महतारी सदनों का निर्माण पूर्ण
कबीरधाम जिले में अब तक 14 महतारी सदनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। सभी भवनों का निर्माण गुणवत्तापूर्ण, आकर्षक एवं उपयोगी स्वरूप में किया गया है। इन भवनों के उपलब्ध होने से महिला स्व-सहायता समूहों को अपनी बैठकों, प्रशिक्षण, उत्पाद निर्माण, आजीविका गतिविधियों एवं विपणन कार्यों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान प्राप्त हुआ है। पहले महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को बैठकों और अन्य गतिविधियों के लिए अलग-अलग स्थानों पर निर्भर रहना पड़ता था। कई बार स्थान की उपलब्धता नहीं होने के कारण समूह की नियमित गतिविधियां भी प्रभावित होती थीं। अब महतारी सदन के रूप में उन्हें अपना स्थायी और सुविधायुक्त स्थान मिल गया है, जहां महिलाएं नियमित रूप से एकत्रित होकर अपने समूह की योजनाएं तैयार कर रही हैं और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ा रही हैं।
सुरक्षित स्थान से बढ़ा आत्मविश्वास
महतारी सदन ने ग्रामीण महिलाओं के बीच संगठन, आत्मविश्वास और नेतृत्व की भावना को मजबूत किया है। महिलाएं यहां बैठकर अपने समूह की गतिविधियों पर चर्चा करती हैं, प्रशिक्षण प्राप्त करती हैं और विभिन्न आजीविका एवं स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं को समझकर उन्हें धरातल पर उतारने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। महतारी सदन के माध्यम से महिलाओं को केवल बैठक के लिए स्थान ही नहीं मिला, बल्कि यह उनके लिए सीखने, काम करने, अपने उत्पाद तैयार करने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने का मंच भी बन रहा है। इससे महिला स्व-सहायता समूहों की सामूहिक क्षमता मजबूत हो रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
महतारी सदन ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई राह खोल रहा है। महिलाएं समूह के माध्यम से स्वरोजगार एवं आयमूलक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए संगठित हो रही हैं। प्रशिक्षण एवं सामूहिक प्रयासों से उनमें अपनी क्षमता को पहचानने और आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का विश्वास पैदा हुआ है। यह पहल महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें निर्णय लेने, नेतृत्व करने और अपने परिवार एवं समाज में सम्मानजनक भूमिका निभाने के लिए भी प्रेरित कर रही है। महतारी सदन अब ग्रामीण महिलाओं की सामूहिक शक्ति और उनकी आर्थिक प्रगति का केंद्र बनता जा रहा है।




