छत्तीसगढ़

पहली बार दिखी प्रवासी चिड़िया पीली भौंह इसकी लंबाई 5 सेमी तो वजन मात्र 10 ग्राम

अंबिकापुर | प्रवासी पक्षी पीली भौंह फुदकी अपने 5 सेमी छोटी लंबाई और करीब 10 ग्राम वजन के कारण अलग पहचान रखती है, लेकिन सर्दियों के मौसम में ये मंगोलिया, रूस से करीब 3 से 5 हजार किमी की लंबी यात्रा कर प्रजनन के लिए भारत आ जाती है। आमतौर पर ये उत्तर भारत तक ही देखे जाते हैं, लेकिन सरगुजा में पहली बार पक्षी प्रेमियों ने इसकी तस्वीर शहर के संजय पार्क में अपने कैमरे में कैद की। पक्षी प्रेमी डॉ. हिमांशु गुप्ता बताते हैं कि इससे पहले सरगुजा संभाग में इस पक्षी के देखे जाने का रिकार्ड नहीं है। ठंड के बाद ये वापस मंगोलिया रूस लौट जाते हैं।पीले रंग की लाइन है इसकी पहचान… पीली-भौंह फुदकी एक छोटी, फुर्तीली और सुंदर चिड़िया है, जो सर्दियों में हमारे इलाके में दिखाई देती है। इसकी सबसे बड़ी पहचान आंख के ऊपर बनी पीली लाइन होती है। इसी वजह से इसे यलो-ब्रोड वार्बलर कहा जाता है।

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2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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