होटल-ठेले वालों की फेवरेट है यह हरी सब्जी, खेत में खड़े-खड़े जाती है बिक, ऐसे करें खेती, पूरे साल मिलेगी उपज!

सीतामढ़ी. बींस ऐसी सब्जी है जिसे किसान साल के किसी भी महीने उगा सकते हैं, बस खेती के कुछ जरूरी नियमों का पालन करना जरूरी है. खेत की सही तैयारी से शुरुआत होती है—अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी में 2–3 बार जुताई कर मिट्टी को भुरभुरा बनाएं. इसके बाद 45–60 सेंटीमीटर की दूरी पर बुवाई करें और हल्की सिंचाई देकर बीजों को नमी दें. चाहे गर्मी हो या ठंड, पौधों की सुरक्षा के लिए मल्चिंग एक कारगर तरीका है, जो नमी बनाए रखता है और तापमान संतुलित करता है.
देखभाल है जरूरी
बींस की सालभर खेती में नियमित देखरेख की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है. समय पर निराई-गुड़ाई करने से पौधे स्वस्थ रहते हैं और मिट्टी की हवा-जल संतुलन में सुधार होता है. किसान दिनेश सहनी बताते हैं कि चाहे किसी भी महीने बींस बोई जाए, पौधों के पैरों में हल्की मिट्टी चढ़ाने से जड़ें मजबूत होती हैं और पौधों की बढ़वार अच्छी होती है. खेत में जलभराव नहीं होना चाहिए, वरना पौधे पीले पड़ने लगते हैं. मौसम चाहे जैसा हो, पौधों को शुरुआती दिनों में हल्की सिंचाई जरूर दें.
कीट प्रकोप से बचाव बेहद जरूरी
खाद प्रबंधन लगातार उपज का सबसे बड़ा आधार है. जैविक खाद, मिक्सर, कंपोस्ट और गोबर खाद मिलाकर देने से मिट्टी उपजाऊ रहती है. जरूरत के अनुसार कॉम्प्लेक्स खाद डालने से पौधा तेजी से बढ़ता है और शाखाओं का बढ़वार बेहतर होता है. दिनेश सहनी बताते हैं कि कीट प्रकोप किसी भी मौसम में हो सकता है, इसलिए फसल पर नजर रखना जरूरी है. कीड़ा लगने पर तुरंत सलाह वाली दवा का छिड़काव करें, जिससे फसल सुरक्षित रहे और उत्पादन में गिरावट न आए.सालभर फायदा देने वाली खेती
बींस की फसल आमतौर पर दो महीने बाद फल देना शुरू कर देती है. दिनेश सहनी के अनुसार, मौसम ठीक होने पर 60 दिनों में तुड़ाई शुरू हो जाती है, जबकि बारिश जैसे खराब मौसम में यह समय बढ़कर 3–4 महीने तक भी जा सकता है. उन्होंने बताया कि अभी लगी फसल ढाई महीने में तैयार हुई, लेकिन सही प्रबंधन वाला पौधा दो महीने में ही फल देना शुरू कर देता है. यही कारण है कि किसान अगर खेत तैयारी, खाद प्रबंधन, सिंचाई और कीट नियंत्रण के नियमों का पालन करें, तो बींस की खेती सालभर लगातार फायदा दे सकती है.



