छत्तीसगढ़

आचार्य महाश्रमण ने प्रवचन में नशा मुक्ति पर दिया जोर, 50 हजार किलोमीटर कर चुके पैदल यात्रा

कोण्डागांव। जैन मुनि आचार्य महाश्रमण की अहिंसा यात्रा कोंडागांव पहुंचने पर जैन समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर स्थित ग्राम चिखलपुटी में पहुंचकर अहिंसा यात्रा की अगवानी करते हुए स्वागत किया। जैन समुदाय के साथ-साथ स्थानीय नगरवासियों ने भी आचार्य जी का भव्य स्वागत किया। आचार्य जी का मुख्य कार्यक्रम गुरुवार को चावरा इंग्लिश मीडियम स्कूल में आयोजित हुआ। आचार्य ने प्रवचन में सद्भावना नैतिकता नशा मुक्ति पर जोर देते हुए कहा कि शरीर, आत्मा, वाणी और मन के सुख भावों से जीव आत्मा, परमात्मा में विलीन हो सकता है व सभी धर्म अनुरागियों को समभाव पूर्ण व्यवहार करने का प्रयत्न, यथासंभव ईमानदारी से जीवनयापन करने व नशा मुक्त जीवन का संकल्प दिलाया, गौरतलब है कि जैन मुनि की अहिंसा यात्रा की शुरूआत 2014 में दिल्ली के लाल किले से हुआ है। भारत के विभिन्न राज्यों से होते हुए पड़ोसी देश नेपाल, भूटान सहित 19 राज्यों की लगभग 16 हजार किलोमीटर की यात्रा कर जैन मुनि सद्भावना, नैतिकता व अहिसा का संदेश दे रहे हैं। अभी तक अपने संयमित जीवन में लगभग 50 हजार किलोमीटर की यात्रा सम्पन्न कर चुके हैं। इस मौके पर जैन समुदाय के महिला-पुरुष काफी संख्या में सम्मिलित रहे।

 

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