छत्तीसगढ़

अपने 15 साल और मोदी के 7 साल के असफल कार्यकाल को छुपाने अनर्गल बयानबाजी कर रहे भाजपाई- मोहन मरकाम

कोंडागांव। पीसीसी चीफ ने प्रेस के माध्यम से ये कहा है कि छत्तीसगढ़ के भाजपाई अपने 15 साल के और केंद्र की मोदी सरकार के 7 साल के असफल कार्यकाल को छुपाने के लिए अब अनर्गल बयानबाजी पर उतर आए हैं। भाजपा के कार्यकाल में जब अधिकारी कर्मचारी आंदोलन करते थे तो इन्हें उनकी पीड़ा दिखाई नहीं देती थी उनकी मांग इन्हें जायज दिखाई नही देती थी और आज यह उनके मांग को जायज बताने के लिए घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। यदि उन्होंने अपने पिछले 15 साल के असफल कार्यकाल में इनकी मांग पूरी कर दी होती तो आज इन्हें यू धरने पर बैठने की जरूरत नहीं पड़ती पूर्व में डॉ रमन सिंह के कार्यकाल में कर्मचारी अपनी मांग को लेकर धरना आंदोलन करते थे तो भाजपा तानाशाही रवैया अपनाकर इनके आंदोलन को दबाने कुचलने का प्रयास करती थी जिस प्रकार शिक्षाकर्मियों के आंदोलन को दबाने के लिए भाजपा ने रातोरात सबको गिरफ्तार कर बंदूक की नोक पर आंदोलन को दबाया था।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार किसानों को धान का 1870 रुपये प्रति क्विंटल दे रही है व साथ ही 10 हजार रुपये प्रति एकड़ राजीव गांधी न्याय योजना के तहत सम्मान निधि दे रही है तो यह बात केंद्र को नहीं पच रही की छत्तीसगढ़ का किसान क्यूँ इतना समृद्ध हो रहा है। तथा इसी सम्मान निधि को बोनस बता अड़ंगा लगा रही है व रोज़ कुछ न कुछ नया बहाना लगा केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों को अपमानित व आर्थिक रूप से नुक़सान पहुँचाना चाह रही है। छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री लता उसेंडी को कोंडागांव में हो रहे विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहे हैं तो ऐसे में उन्हें अपने असफल कार्यकाल के चश्मे को उतारकर कर कोंडागांव के विकास कार्य को देखना चाहिए। उनके मंत्रित्व काल मे कोंडागांव विधानसभा में जितनी सड़के नही नहीं बनवाई उससे ज्यादा सड़को का निर्माण मेरे 7 साल के कार्यकाल में हुआ है और मैं इस बात को लेकर उन्हें आकड़ो के साथ चुनौती देता हूं वे भूल रही हैं जिस अस्पताल में वे पैदा हुई हैं वो कांग्रेस की देन है जिन स्कूलों में वह पढ़ लिख कर साक्षर बनी आगे बढ़ी हैं प्रदेश की मंत्री के रूप में कार्य किया वो कांग्रेस की देन है इन्हें किसानों की हित की इतनी ही चिंता है तो क्यों नहीं अपने 9 सांसदों और 14 विधायकों के साथ में लेकर के केंद्र की मोदी सरकार को बोलते कि जो वादा उन्होंने किया था साठ लाख मैट्रिक टन चावल खरीदने का इसमें कटौती कर केवल 24 लाख मैट्रिक टन चावल खरीदने की बात क्यो कर रहे हैं क्यों केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ को बारदाने की आपूर्ति करने में अपने हाथ पीछे कर रही है।

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