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कोंडागांव मे आदिवासी महिला से सामुहिक बलात्कार पर क्यों चुप हैं पीसीसी अध्यक्ष – लता उसेंडी

कोंडागांव। जिला अंर्तगत आने वाले केशकाल में एक महिला से हुए सामुहिक बलात्कार के मामले में पूर्व मंत्री व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष लता उसेण्डी ने गहरा दुःख जाहिर करते हुए कहा कि, कांग्रेस के मन्त्री शिव डहरिया के बयान ओर कोन्डागाव मे एक आदिवासी महिला के साथ सामुहिक बलात्कार पर प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम क्यों चुप है। मोहन मरकाम को छत्तीसगढ़ कि बहनो से माफ़ी मांगनी चाहिए। घटना कि जानकारी जैसे ही लता उसेन्डी को मिली तत्काल सखी सेन्टर पहुचकर पीडित महीला से मुलाकात कर पुरी जानकारी लेकर, सरकार से मांग कि है कि पीडित महीला को तुरंत मुवायजा दे और नौकरी कि व्ययस्था करे नही तो भाजपा के द्वारा उग्र आंदोलन किया जायेगा।

लता ने अटल सदन मे प्रेस को सम्बोधित करते हुए कहा है कि कोंडागांव थाना के अंतर्गत पीडित आदीवासी महीला जो काम कि तलास मे बनियागाव से कोंडागांव आने के लिये गाडी नहीे मिलने के कारण जगदलपुर से आ रही ट्रक में बैठकर कोण्डागाव के लिये निकली, लेकिन उसे ट्रक के ड्राईवर द्वारा कोन्डागाव मे नही उतारा गया और उसे केशकाल के पास तीन लोगो के द्वारा सामुहिक बलात्कार कर रायपुर के सिलतरा तक साथ ले गए।

इस सामुहिक बलत्कार को लेकर लता उसेन्डी पीसीसी चीफ़ मोहन मरकाम के चुप्पी पर बिफ़री ओर कहा कि मोहन मरकाम जी प्रदेश मे व्यस्त है ओर खुद के जिला मे बलात्कार के मामले मे चुप्पी साधे है। ये दोहरी मानसिकता है छत्तीसगढ़ मे हो रहे लगातार बलात्कार का मामला को लेकर मुख्यमंत्री से आव्हान किया है कि इस घटना कि पुनरावृत्ति ना हो उसके लिये कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने कि मांग कि ओर कहा कि बलरामपुर कि घटना को लेकर मंत्री शिव डहरिया ने जो घटिया बयान दिया है ओर कहा है कि यूपी के हाथरस कि घटना बडी है ओर छत्तीसगढ़ कि घटना छोटी है। घटना कोई भी छोटी बडी नही होती घटना घटना ही होती है। इस बयान पर लता ने नाराजगी व्यक्त करते हुये शिव डहरिया से प्रदेश कि बहन बेटियो से माफ़ी मांगने को कहा। घटना शिक्षा मंत्री के क्षेत्र मे होने के बाद भी अभी तक सुध नहीं ली गईं वाड्रफनगर लोधी मे 27 सितम्बर को नाबालिक के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म के घटना के मुख्य आरोपी का 5 दिन बाद तक पुलिस गिरफ्त से बाहर होने, पीड़िता को न्याय दिलाने के लिये भाजपा ने पीड़िता के लिए 10 लाख मुआवजा कि तुरंत की मांग की है।

भूपेश बघेल की सरकार महिलाये असुरक्षित हो गई है, जो प्रदेश को दुष्कर्म घटनाओ मे देश मे सातवे क्रम मे लें आये है। आज छत्तीसगढ़ मे 13 महीनों मे अब तक 2,575 रेप कि घटना सामने आई है। अब हाथरस कि तरह राहुल एवं प्रियंका गाँधी को छत्तीसगढ़ में भी आकर पीड़ित बेटियों के लिये आवाज उठाकर उन्हे न्याय दिलाना चाहिए।

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