छत्तीसगढ़

जिले के हस्तशिल्प कारीगरो के साथ कलेक्टर की चर्चा, आय मे वृद्धि करना है प्रशासन का लक्ष्य

27 june, 2020/सबका संदेश

कोण्डागांव। कोरोना आपदा के समय सर्वाधिक आर्थिक संकट झेलने वालो में हस्तशिल्प कारीगर भी शामिल रहें है। विगत 3 महिनो से लाॅकडाउन के कारण प्रर्दशिनियों एवं बाजारो में शिल्प का विक्रय ना होने से हस्तशिल्प कारीगरो के समक्ष विकट आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया हैं। जिससे वे हस्तशिल्प से दूर होकर कृषक मजदूर के रूप में कार्य करने को मजबूर हो रहे है। इस स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने विगत 26 जून को जिले के हस्तशिल्प कारीकरो के साथ उनकी समस्याओं को जानने समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक मे जिले के बेलमेटल, लौहशिल्प आदि कलाओं से जुड़े कारीगर उपस्थित हुए जहां पर कारीगरो ने सर्वप्रथम  कलेक्टर को स्मृति चिन्ह के रूप मे बेलमेटल से बनी कलाकृति भेंट की साथ ही उन्हे अपनी समस्याओं से अवगत कराया जिसमें उन्होने अपनी कलाकृतियों के उचित दाम ना मिलने, शबरी एम्पोरियम द्वारा कलाकृति ना खरीदने प्रर्दशिनियों के बंद हो जाने, बिचैलियों द्वारा औने-पौने दामो मे कलाकृति को खरीदने, शिल्प नगरी के अधूरे निर्माण, कच्चे माल के कीमतो मे इजाफा, निश्चित बाजारो के अभाव आदि समस्याओं से अवगत कराया। इस पर कलेक्टर ने उन्हे जल्द से जल्द समस्याओं के निवारण का आश्वासन दिया। इस संबध मे कलेक्टर ने बताया कि प्रशासन हस्तशिल्प कारीगरो की समस्याओं को ध्यान मे रखते हुए कार्ययोजना बना रही है। प्रशासन का प्रमुख लक्ष्य आय मे वृद्धि कर कारीगरो को उनकी मेहनत उचित मूल्य प्रदान करना एवं उनकी आय मे वृद्धि करना है।

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