बिजली बिल से राहत, अतिरिक्त आय की सौगात : पीएम सूर्यघर योजना से लाभ ही लाभसौर ऊर्जा अपनाकर घर का खर्च घटाएं, ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनें : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण सावहितग्राही ने साझा किया अनुभव—‘बिजली बिल शून्य हुआ, ढाई हजार रुपए की कमाई भी हुई’

बिजली बिल से राहत, अतिरिक्त आय की सौगात : पीएम सूर्यघर योजना से लाभ ही लाभ
सौर ऊर्जा अपनाकर घर का खर्च घटाएं, ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनें : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव
हितग्राही ने साझा किया अनुभव—‘बिजली बिल शून्य हुआ, ढाई हजार रुपए की कमाई भी हुई’
छत्तीसगढ़ बिलासपुर भूपेंद्र साहू की रिपोर्ट l 16 अक्टूबर 2026/ घर की छत पर लगा सोलर संयंत्र अब परिवारों के लिए बचत और अतिरिक्त आमदनी का माध्यम बन रहा है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से उपभोक्ताओं को बिजली बिल से राहत मिलने के साथ अतिरिक्त बिजली से आय भी हो रही है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत लखीराम अग्रवाल स्मृति ऑडिटोरियम में आयोजित योजना के जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने लोगों से सौर ऊर्जा अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह योजना आज की जरूरत और भविष्य के लिए लाभकारी निवेश है। नागरिक इसका लाभ लेकर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनें।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऊर्जा ने जीवन को गति दी है। घरों से लेकर उद्योगों तक बिजली का उपयोग और मांग लगातार बढ़ रही है। दैनिक जीवन में बिजली इतनी आवश्यक हो गई है कि एक घंटे की बाधा भी परेशानी का कारण बन जाती है। ऐसे में सूर्य की ऊर्जा ने बिजली उत्पादन के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। श्री साव ने कहा कि नई तकनीक अपनाने में शुरुआत में कुछ आशंकाएं होती हैं, लेकिन समय के साथ आगे बढ़ने के लिए तकनीक से जुड़ना आवश्यक है। सोलर संयंत्र से अपनी जरूरत की बिजली तैयार करने के साथ अतिरिक्त बिजली बेचकर आमदनी भी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन में जुटे बिजली विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुए नागरिकों से कहा कि वे भी सोलर लगाकर सूर्य भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करें। क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी ने कहा कि पीएम सूर्यघर योजना विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण पहल है। इलेक्ट्रिक वाहनों और अन्य जरूरतों के कारण बढ़ती बिजली की मांग पूरी करने में सौर ऊर्जा की बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने उद्योगों में भी सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया।पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडे ने सौर ऊर्जा के विस्तार के लिए गुजरात के अनुभवों से सीखने की बात कही। उन्होंने संयंत्र लगाने के साथ उनके उचित रखरखाव पर भी ध्यान देने का सुझाव दिया।
हितग्राही की जुबानी, बचत और कमाई की कहानीकार्यक्रम में लाभान्वित उपभोक्ता श्री जयंत सरकार ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि सितंबर 2025 में उन्होंने योजना का लाभ लिया। सोलर संयंत्र लगाने की प्रक्रिया आसानी से और बिना परेशानी पूरी हुई। उन्होंने कहा, “सोलर लगने के बाद मेरा बिजली बिल शून्य हो गया है। साथ ही अब तक ढाई हजार रुपए की कमाई भी हुई है।” उनका अनुभव उपस्थित लोगों के लिए योजना के व्यावहारिक लाभों को समझने का माध्यम बना।
इस अवसर पर श्री जयंत सरकार, सरोज तिवारी, लक्ष्मी देवी लहरे, गायत्री ठाकुर प्रतिभा शुक्ला सहित 2 दर्जन सूर्यघर मुफ़्त बिजली योजना के हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी श्री गिरीश श्रीवास्तव, सुश्री सोनी, वेंडर्स श्री भूपेंद्र यादव, श्री राहुल एवं श्री मनीष तथा बैंकिंग सहयोग के लिए एलडीएम श्री राजू मोदी और चीफ मैनेजर श्री स्वर्ण कमल को भी मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया।
जिले के 10 गांवों को शत-प्रतिशत सोलर से जोड़ने का प्रयास
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि जिले के 10 गांवों को शत-प्रतिशत सोलर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। शहर का पॉम एन्क्लेव पूरी तरह सोलर से जुड़ चुका है, जो अन्य आवासीय क्षेत्रों के लिए प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अधिकाधिक घरों तक योजना का लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे। सौर ऊर्जा से बिजली के खर्च में कमी आने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलेगा।
सीएसईबी के कार्यपालन निदेशक श्री ए.के. अंबष्ट ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि योजना परिवारों के घरेलू बजट का बोझ कम करने के साथ स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध करा रही है। केंद्र और राज्य सरकार, दोनों की सहायता से उपभोक्ताओं को दोहरी सब्सिडी मिल रही है। उन्होंने बताया कि बिलासपुर जिले में लगभग 100 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जा चुका है। इसमें केंद्र सरकार के 72 करोड़ रुपए और राज्य सरकार के 28 करोड़ रुपए शामिल हैं।
अधीक्षण अभियंता श्री सुरेश जांगड़े ने बताया कि जिले में 46 हजार सोलर संयंत्र लगाने के लक्ष्य के विरुद्ध लगभग 13 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं और साढ़े सात हजार संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि एक किलोवॉट क्षमता पर 45 हजार रुपए, दो किलोवॉट पर 90 हजार रुपए तथा तीन किलोवॉट पर एक लाख आठ हजार रुपए तक की सब्सिडी दी जाती है। इस सहायता से उपभोक्ताओं के लिए सोलर संयंत्र लगाना अधिक सुलभ हुआ है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी और सहकारी बैंक अध्यक्ष श्री रजनीश सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, विशेष रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपभोक्ता, लाभान्वित हितग्राही, वेंडर्स और बैंक अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री सौरभ सक्सेना और आभार ज्ञापन सीएसईबी के वरिष्ठ अधिकारी श्री पी.एल. सिदार ने किया।


