छत्तीसगढ़

अखण्ड सौभाग्य की कामना के साथ मनाई गई हरितालिका तीज त्यौहार पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि भारतीय संस्कृति में पति-पत्नी के अटूट प्रेम, समर्पण, पारिवारिक प्रगाढ़ता का अनुपम उदाहरण है ।

अखण्ड सौभाग्य की कामना के साथ मनाई गई हरितालिका तीज त्यौहार पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि भारतीय संस्कृति में पति-पत्नी के अटूट प्रेम, समर्पण, पारिवारिक प्रगाढ़ता का अनुपम उदाहरण है ।

भूपेंद्र साहू की रिपोर्ट। आरामशीन निहारिका कोरबा में तीज उत्सव हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया, अखंड सौभाग्य, सुखी दांपत्य जीवन और पति की लंबी आयु के लिए रखा जाने वाला अति पावन व्रत हरितालिका तीज पूरे शहर में अत्यंत श्रद्धा और पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। भाद्रपद माह के शुक्ला पक्ष की तृतीया तिथि पर महिलाओं ने भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत् वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ पूजा अर्चना कर अपने परिवार के सुख समृद्धि की कामना कीlसुहागिन महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर बालू और मिट्टी से भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित की। सायंकाल महिलाओं ने नए वस्त्र पूर्ण श्रृंगार कर रानू शर्मा के घर प्रांगण में एकत्र होकर पंडित जी द्वारा कथा सुनकर विधि विधान से पूजा अर्चना कियेlकीर्तन भजन करते हुए रात्रि जागरण कर सुबह प्रतिमा को विसर्जन कर अपने-अपने घर गएlऔर पारण के साथ इस कठिन व्रत का विधि पूर्वक का समापन हुआ ।
यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि भारतीय संस्कृति में पति-पत्नी के अटूट प्रेम, समर्पण और पारिवारिक प्रगाढ़ता का भी अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करता है ।

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

Related Articles

Back to top button