देश दुनिया

आज जीतनराम मांझी के…’ दशरथ मांझी को श्रद्धांजलि देते वक्त तेजस्वी की फिसली जुबान, दो बार कर बैठे गलती

अर्शदीप की उपलब्धि ब्रिटेन की सैन्य सेवा में सिखों के लंबे योगदान से भी जुड़ी है। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान हरदित सिंह मलिक ब्रिटेन में भारतीय मूल के शुरुआती पायलटों में शामिल थे। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान स्क्वाड्रन लीडर मोहिंदर सिंह पुज्जी ने भी ब्रिटिश वायुसेना में सेवा दी थी।

अर्शदीप ने कहा कि वह चाहते हैं कि वह सिख समुदाय के युवाओं के लिए प्रेरणा बनें। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह इस उपलब्धि वाले अंतिम सिख नहीं होंगे।

शुरुआत में कहा कि आज जीतनराम मांझी के श्रद्धांजलि समारोह में उपस्थित सभी लोगों का वे आभार व्यक्त करता हूं. उनके मुंह से जीतनराम मांझी का नाम निकलते ही मंच पर मौजूद नेताओं और लोगों ने उन्हें तुरंत टोका. इसके बाद तेजस्वी ने फौरन खुद को संभालते हुए दशरथ मांझी का नाम लिया और सभा में दूर-दराज से पहुंचे मुसहर समाज के लोगों का आभार जताकर उन्हें नमन किया.

दशरथ मांझी के संघर्ष को तेजस्वी ने किया याद

तेजस्वी यादव ने दशरथ मांझी के ऐतिहासिक संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पहाड़ काटकर रास्ता बनाने जैसा असंभव काम पूरा कर मिसाल पेश की. उनके संकल्प ‘जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं’ का उल्लेख करते हुए तेजस्वी ने उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग उठाई. इसके अलावा उन्होंने पटना के किसी प्रमुख चौराहे पर उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने और उनके नाम पर आश्रम बनाने की मांग रखी.

NDA सरकार पर साधा निशाना

नेता प्रतिपक्ष ने बीजेपी, जदयू और एनडीए पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग दशरथ मांझी के नाम पर सिर्फ राजनीति करते हैं, लेकिन उनके समाज की भलाई के लिए काम नहीं करते. उन्होंने दावा किया कि आरजेडी के समय गरीबों और दलितों को बसाया गया, जबकि वर्तमान एनडीए सरकार गरीबों को उजाड़ रही है. उन्होंने गरीबों को पानी, खाना, दवाई और रोजगार देने पर जोर दिया.

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

Related Articles

Back to top button