जुनून हो तो ऐसाः पहले IRS, फिर बनी IAS… UPSC में हासिल की 69th रैंक, बिहार की कुमुद मिश्रा को मिला होम कैडर

पटनाः बिहार की बेटी कुमुद मिश्रा ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) 2024 की परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 69वीं रैंक हासिल कर अपने प्रदेश और परिवार का मान बढ़ाया है. कुमुद मूल रूप से बिहार के रोहतास जिले की रहने वाली हैं और सबसे खास बात यह है कि उन्हें अपना गृह राज्य यानी ‘बिहार कैडर’ ही आवंटित हुआ है. उनके साथ 9 अन्य नए आईएएस अधिकारी भी बिहार को मिले हैं, जो राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा भरेंगे
कहां से हुई कुमुद की पढ़ाई-लिखाई?
कुमुद की प्रारंभिक शिक्षा लखनऊ के केंद्रीय विद्यालय एएमसी कैंट से हुई. जिसके बाद उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में बीए ऑनर्स की डिग्री हासिल की. यूपीएससी में भी उन्होंने अपने पसंदीदा विषय राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंध को ही वैकल्पिक विषय के रूप में चुना. स्नातक के दौरान ही उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली इस परीक्षा को न केवल देना है, बल्कि इसमें शीर्ष स्थान भी प्राप्त करना है.
पहले प्रयास में मिली थी 259वीं रैंक
सफलता का यह सफर कुमुद के लिए इतना आसान भी नहीं था. अपने पहले प्रयास में उन्होंने 259वीं रैंक हासिल की थी और उनका चयन भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के लिए हुआ था. हालांकि, आईआरएस की नौकरी मिलने के बावजूद उनके मन में आईएएस न बन पाने का मलाल था. उन्होंने हार नहीं मानी और नौकरी ज्वाइन करने के बाद छुट्टी ली ताकि दोबारा तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सकें. उनकी इसी अटूट जिद और कड़ी मेहनत ने उन्हें दूसरे प्रयास में सफलता के शिखर पर पहुंचा दिया.
कामयाबी के पीछे ‘इंटरनल मोटिवेशन’
कुमुद अपनी इस बड़ी कामयाबी के पीछे ‘इंटरनल मोटिवेशन’ यानी आंतरिक प्रेरणा को सबसे अहम कारक मानती हैं. उनके अनुसार, परिवार का सहयोग तो हमेशा रहा, लेकिन उनके भीतर एक ऐसी चाहत थी जो उन्हें हर हाल में मुकाम हासिल करने के लिए प्रेरित करती रही. वे कहती हैं कि जब उन्होंने पहली बार परीक्षा दी, तो उन्हें महसूस हुआ कि क्षमता होने के बावजूद कुछ कमियां रह गई हैं, जिन्हें दूर कर उन्होंने दूसरे प्रयास में बेहतर प्रदर्शन किया.
पिता सेना में कैप्टन पद से सेवानिवृत्त
पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो कुमुद एक अनुशासित माहौल में पली-बढ़ी हैं. उनके पिता बी.एस. मिश्रा भारतीय सेना में कैप्टन पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि उनकी माता इंदु देवी एक कुशल गृहिणी हैं. इंटरव्यू के अनुभव को साझा करते हुए कुमुद बताती हैं कि वह क्षण काफी चुनौतीपूर्ण था. ठंड और नर्वसनेस के कारण वह कुछ सवालों के जवाब नहीं दे पाईं, लेकिन आत्मविश्वास और स्पष्ट सोच की वजह से कुल मिलाकर उनका साक्षात्कार बेहतरीन रहा, जिसने अंततः उन्हें आईएएस की प्रतिष्ठित कुर्सी तक पहुंचा दिया.




