द्रोणिका की वजह से छत्तीसगढ़ के मौसम में बदलाव, 4 दिन होगी बारिश व गिरेंगे ओले; ऑरेंज व

छत्तीसगढ़ के ऊपर बने चक्रवातीय परिसंचरण और द्रोणिका की वजह से राज्य में मौसम का मिजाज बदल चुका है और अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और बादल छाने के आसार हैं। मौसम विभाग ने बुधवार 18 मार्च को प्रदेश में एक-दो स्थानों पर तेज हवा (40 से 50 KMPH) चलने तथा गरज चमक के साथ बिजली गिरने, ओलावृष्टि होने व हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई है। इसके अलावा गुरुवार (19 मार्च) को विभाग ने प्रदेश के नौ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए यहां पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने व ओले गिरने के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। इस दौरान यहां तेज हवा (40-50 KMPH) भी चल सकती है।
अगले चार दिन इन जिलों के लिए ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी
बुधवार (18 मार्च) के लिए मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए यहां गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ ही बारिश होने की संभावना जताई है। इसके साथ ही 8 जिलों सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, मुंगेली, धमतरी, गरियाबंद, नारायणपुर, बीजापुर और सुकमा जिलों में ओले गिरने की आशंका भी जताई है।
गुरुवार (19 मार्च) के लिए विभाग ने सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, कोरबा, मुंगेली, धमतरी, गरियाबंद, नारायणपुर, बस्तर और सुकमा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान यहां पर 40 से 50 kmph की गति से तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और ओले गिरने के साथ ही बारिश होने की संभावना जताई है। इसके अलावा प्रदेश के बाकी जिलों के लिए विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान लगाया है।
शुक्रवार (20 मार्च) के लिए विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए यहां गरज-चमक और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ ही बारिश होने की संभावना जताई है।
शनिवार (21 मार्च) के लिए विभाग ने प्रदेश के ज्यादातर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है और इस दौरान यहां पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने व बारिश होने की संभावना व्यक्त की है।
राजधानी के मौसम का पूर्वानुमान
बुधवार को अगले 24 घंटों के दौरान रायपुर शहर में आकाश में आंशिक रूप से बादल छाए रहने तथा वर्षा या गरज-चमक होने की संभावना है। इस बीच शहर का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
बीते दिन दुर्ग रहा सबसे गर्म
मंगलवार को प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य रहा, इस दौरान एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की वर्षा और ओलावृष्टि दर्ज की गई। बीते दिन प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में तथा सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले 5 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने, और इसके बाद अगले कुछ दिनों में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना जताई है
सिनोप्टिक मौसमी परिस्थितियां
एक ट्रफ, दक्षिण-पूर्व राजस्थान से उत्तर छत्तीसगढ़ तक, मध्य प्रदेश के मध्य भागों के ऊपर सक्रिय चक्रवातीय परिसंचरण से होकर औसत समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर विस्तृत है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और निकटवर्ती क्षेत्रों के ऊपर औसत समुद्र तल से 0.9 किमी ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। पश्चिम राजस्थान के ऊपर औसत समुद्र तल से 1.5 किमी ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। एक ट्फ, मध्य प्रदेश के मध्य भागों के ऊपर सक्रिय चक्रवातीय परिसंचरण से लेकर मराठवाड़ा और विदर्भ होते हुए उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तक औसत समुद्र तल से 0.9 किमी ऊंचाई पर विस्तृत है। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेस) मध्य और ऊपरी स्तर की पश्चिमी हवाओं में एक ट्रफ के रूप में औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊंचाई पर लगभग 60 डिग्री पूर्व देशांतर के साथ 32 डिग्री उत्तर अक्षांश के उत्तर में स्थित है।


