भालू के हमले से तड़पता रहा पति, रोती रही पत्नी लेकिन वन विभाग फोटो खिंचवाने में रहा व्यस्त

गरियाबंद। जिले के परसूली वन परिक्षेत्र में वन विभाग की संवेदनहीन कार्यप्रणाली का एक मामला सामने आया है। ग्राम कोचई मुड़ा के जंगल में महुआ बीनने गए 45 वर्षीय ग्रामीण पुराणिक राम यादव पर भालू ने प्राणघातक हमला कर दिया।
इस हमले में ग्रामीण के सिर, चेहरे और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन घायल को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां वन विभाग की टीम भी सहायता राशि देने पहुंची थी।
फौरी सहायता राशि थमाकर फोटो खिंचवाने में व्यस्त रहा विभाग
अस्पताल में जहां घायल ग्रामीण स्ट्रेचर पर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था और उसकी पत्नी बदहवास होकर रो रही थी, वहीं वन विभाग के कर्मचारी मानवता को दरकिनार कर महज एक हजार रुपये की फौरी सहायता राशि थमाकर फोटो खिंचवाने में व्यस्त नजर आए।
विभाग द्वारा इस दुखद स्थिति में मदद के प्रचार-प्रसार को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। इंटरनेट मीडिया पर यह तस्वीर वायरल होने के बाद लोग इसे संवेदनहीनता की पराकाष्ठा बता रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग पीड़ित के जख्मों पर मरहम लगाने के बजाय चंद रुपयों की मदद का प्रदर्शन कर अपनी छवि चमकाने की कोशिश कर रहा है।
घायल को रायपुर रेफर किया, एंबुलेंस के लिए करना पड़ा इंतजार
अस्पताल में घायल की नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तत्काल रायपुर रेफर कर दिया, लेकिन यहां भी अव्यवस्था का आलम रहा। तड़पते हुए मरीज के लिए परिजन आधे घंटे तक 108 एंबुलेंस का इंतजार करते रहे, परंतु समय पर वाहन उपलब्ध नहीं हो सका।
काफी देर बाद एंबुलेंस पहुंचने पर घायल को उच्च उपचार के लिए रायपुर ले जाया गया। वर्तमान में ग्रामीण की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।




