गोधाम योजना से मिलेगा गौवंश को संरक्षण, सड़क दुर्घटनाओं में आएगी कमी और फसलों को होगा नुकसान से बचाव, किसानों ने जनहितकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभार l

गोधाम योजना से मिलेगा गौवंश को संरक्षण, सड़क दुर्घटनाओं में आएगी कमी और फसलों को होगा नुकसान से बचाव, किसानों ने जनहितकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभार l
बिलासपुर, 14 मार्च, 2026/ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गौवंश के संरक्षण, आवारा पशुओं की समस्या के समाधान और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई गोधाम योजना को किसानों और पशुपालकों ने एक दूरदर्शी एवं जनहितकारी पहल बताया है। किसानों का मानना है कि इस योजना के लागू होने से जहां एक ओर गौवंश को सुरक्षित आश्रय मिलेगा, वहीं दूसरी ओर सड़कों पर आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी तथा किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी।
राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत आज प्रदेश में 29 गोधाम का शुभारम्भ किया गया। प्रदेश के सभी विकासखंडों में भी गोधाम स्थापित करने की योजना है जहां आवारा और निराश्रित गौवंश के लिए सुरक्षित एवं व्यवस्थित आश्रय की व्यवस्था की जाएगी। इससे सड़कों और खेतों में भटकने वाले पशुओं को एक सुरक्षित स्थान मिल सकेगा। ग्राम पोड़ी के किसान ईश्वर प्रसाद का कहना है कि अक्सर राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य सड़कों पर पशुओं के अचानक आ जाने से गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो जाती हैं, जिससे कई बार जनहानि भी हो जाती है। गोधाम के निर्माण से इस समस्या का समाधान होगा।
तखतपुर के किसान अलख राम और भरनी के किसान ज्वाला प्रसाद कौशिक ने योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल केवल पशु संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे आम नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों पर अक्सर आवारा पशुओं के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं। यदि इन पशुओं को गोधाम में सुरक्षित रखा जाएगा तो निश्चित रूप से दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आएगी और अमूल्य मानव जीवन की रक्षा हो सकेगी।
किसानों ने यह भी बताया कि आवारा पशुओं के कारण खेतों में खड़ी फसलों को अक्सर भारी नुकसान होता है। रात के समय पशु खेतों में घुसकर धान, सब्जी और अन्य फसलों को नष्ट कर देते हैं, जिससे किसानों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है। गोधाम योजना लागू होने से इस समस्या से निजात मिलेगी जिससे किसानों की मेहनत और उनकी फसल दोनों सुरक्षित रह सकेंगी। किसानों का मानना है कि इस योजना से गौवंश को भी सम्मानजनक संरक्षण मिलेगा। लंबे समय से आवारा पशुओं की समस्या ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में चिंता का विषय बनी हुई थी। गोधाम बनने से पशुओं को सुरक्षित आश्रय, भोजन और देखभाल की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।इसके साथ ही ग्रामीणों को रोजगार के अवसर भी मिल सकेंगे। किसानों और ग्रामीणों ने इस संवेदनशील पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना राज्य में पशु संरक्षण, सड़क सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि हितों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रभावी कदम है। किसानों ने कहा कि गोधाम योजना के सफल क्रियान्वयन से ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा और किसानों को लंबे समय से हो रही समस्याओं से राहत मिलेगी।



