30-31 जनवरी भारी बारिश इन 5 राज्यों में ओलावृष्टि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय.

30-31 जनवरी भारी बारिश इन 5 राज्यों में ओलावृष्टि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय. उत्तर भारत में मौसम ने अचानक करवट ली है और २७ व २८ जनवरी को कई राज्यों में बारिश की संभावना जताई गई है। पिछले तीन दिनों से अच्छी धूप निकलने के बाद अब पश्चिम की ओर से आने वाली हवाओं के कारण आसमान में बादलों ने डेरा डाल लिया है। पाकिस्तान और पंजाब की ओर से आने वाले ये बादल अब हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे अगले दो दिनों तक मौसम खराब रहने के पूरे आसार हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, मुख्य रूप से हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में बूंदाबांदी हो सकती है। कहीं-कहीं हल्की बारिश होगी तो कहीं इन बादलों की वजह से तेज हवाओं के साथ बौछारें देखने को मिल सकती हैं। २३ जनवरी के बाद से मौसम लगभग साफ था, लेकिन २६ जनवरी की दोपहर से अचानक हुए इस बदलाव ने ठंड और ठिठुरन बढ़ने के संकेत दे दिए हैं।
किसानों के लिए यह समय बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए उन्हें अपनी सिंचाई और छिड़काव (स्प्रे) के कार्यों में सावधानी बरतनी चाहिए। यदि आपके क्षेत्र में बादल छाए हुए हैं या बारिश की संभावना है, तो कीटनाशक या अन्य दवाओं का स्प्रे अगले दो दिनों के लिए टाल देना बेहतर होगा। २८ जनवरी के बाद यानी २९ और ३० जनवरी को मौसम फिर से साफ होने की उम्मीद है, तब आप अपनी फसलों में खाद-पानी और स्प्रे का काम कर सकते हैं।गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलों में इस समय सही देखभाल की जरूरत होती है। वीडियो में बताया गया है कि फसल की अधिक बढ़वार को नियंत्रित करने के लिए पीजीआर (PGR) का स्प्रे किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए मौसम का साफ होना जरूरी है। बारिश के दौरान स्प्रे करने से दवा धुल सकती है और उसका सही परिणाम नहीं मिलता, इसलिए मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर ही कृषि कार्य करें।कुल मिलाकर, आने वाले ४८ घंटे उत्तर भारत के मौसम के लिए काफी संवेदनशील रहने वाले हैं। अचानक हुई इस हलचल से तापमान में गिरावट आएगी और गलन बढ़ेगी। किसानों को सलाह दी गई है कि वे इस जानकारी को अन्य किसान भाइयों के साथ भी साझा करें ताकि वे समय रहते अपनी फसलों का बचाव कर सकें और किसी भी आर्थिक नुकसान से बच सकें।



