छत्तीसगढ़

IAS दीपक सोनी: दंतेवाड़ा में 30 करोड़ का कारोबार दिलाकर बदली 750 महिलाओं की तकदीर, केंद्र सरकार से आया बुलावा

छत्तीसगढ़ कैडर में भारतीय प्रशासन‍िक सेवा के काबि‍ल अफसरों में से एक आईएएस दीपक सोनी फिर सुर्खियों में हैं. इनको द‍िल्‍ली से बुलाया आया है. 2011 बैच के IAS अधिकारी दीपक सोनी को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में डायरेक्टर के पद पर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति मिली है.

Who is IAS Deepak Soni: आईएएस दीपक सोनी कौन हैं? 

IAS दीपक सोनी वर्तमान में छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिला कलेक्टर हैं. ये मूल रूप से छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के रहने वाले हैं. भारत सरकार ने इनकी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के संबंध में आदेश जारी करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर उन्हें तत्काल प्रभाव से रिलीव करने के निर्देश दिए हैं. यह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पांच वर्षों की अवधि के लिए होगी. औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होते ही वे जल्द ही दिल्ली में नई जिम्मेदारी संभालेंगे.

दंतेवाड़ा में भी न‍िभा चुके हैं अहम जिम्‍मेदारी 

दीपक सोनी को एक ऐसे प्रशासक के रूप में जाना जाता है, जिनकी फील्ड में मजबूत पकड़, संवेदनशीलता और नवाचार आधारित कार्यशैली ने उन्हें अलग पहचान दिलाई है. अपने प्रशासनिक करियर में वे अब तक रायपुर, सूरजपुर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव और वर्तमान में बलौदा बाजार जिले में अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. 

दंतेवाड़ा में डैनेक्स गारमेंट फैक्ट्री की शुरुआत 

विशेष रूप से नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा में उनका कार्यकाल ऐतिहासिक माना जाता है. यहां उन्होंने न केवल सुरक्षा और प्रशासन के बीच संतुलन साधा, बल्कि विकास को नक्सलवाद के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार के रूप में स्थापित किया. दंतेवाड़ा में डैनेक्स गारमेंट फैक्ट्री की शुरुआत कर उन्होंने जिले को राष्ट्रीय पहचान दिलाई. इस पहल से हजारों स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिला और आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह खुली.

क्‍या है डैनेक्स गारमेंट फैक्ट्री? 

क्‍या है डैनेक्स गारमेंट फैक्ट्री? 

सरेंडर कर चुके नक्सलियों के परिवार की आदिवासी महिलाओं ने अपनी खुद की गारमेंट फैक्ट्री DANNEX खोली है. इसे ‘डैनेक्स’ यानी दंतेवाड़ा नेक्स्ट नाम दिया गया है. ‘डैनेक्स’ अब तक 30 करोड़ रुपये का कारोबार कर चुकी है. देश की बड़ी बड़ी कंपनियां ‘डैनेक्स’ के साथ जुड़ रही हैं. फैक्ट्री में करीब 750 गरीब महिलाओं को रोजगार देकर उनके जीवन स्तर को सुधारा जा रहा है. फैक्ट्री के कपड़ों का ब्रांड DANNEX नाम से रजिस्टर्ड किया गया है. डैनेक्स नाम दंतेवाड़ा नेक्स्ट की वजह से दिया गया है. इतना ही नहीं, सरेंडर कर चुके नक्सलियों को रोजगार से जोड़ने, दुर्गम नक्सल इलाकों में खुद बाइक पर पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद, शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने जैसे कई अभिनव प्रयासों ने उन्हें देशभर में सराहना दिलाई. उनके इन प्रयासों को प्रशासनिक हलकों में ‘डेवलपमेंट मॉडल इन नक्सल एरिया’ के रूप में देखा गया.

जल संरक्षण के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार

इसके बाद कोंडागांव जिले में भी उन्होंने विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासनिक पारदर्शिता और जनसहभागिता के जरिए उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं. वर्तमान में बलौदा बाजार में भी उनकी कार्यशैली को सख्त, संवेदनशील और परिणामोन्मुखी माना जाता है. हाल ही में उन्हें से सम्मानित किया गया था. अब केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में उनकी नियुक्ति को छत्तीसगढ़ कैडर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. माना जा रहा है कि फील्ड में काम करने का उनका व्यापक अनुभव अब राष्ट्रीय स्तर की स्वास्थ्य नीतियों और योजनाओं को जमीन पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. दीपक सोनी का यह सफर साबित करता है कि मजबूत इच्छाशक्ति, नवाचार और संवेदनशील प्रशासन से सबसे कठिन हालात में भी बदलाव संभव है.  

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