बड़ी परियोजनाओं के ऐलान के बाद नहीं बिकेगी वहां की जमीन, 5 डिसमिल से कम रकबे की खरीद बिक्री बंद

रायपुर:राज्य के जिस क्षेत्र में भी बड़ी परियोजनाएं आएंगी उस योजना की घोषणा के बाद वहां की जमीन की खरीद बिक्री पर रोक लग जाएगी. शासन की ओर से इस बात की जानकारी मंत्री टंकराम वर्मा ने दी. शासन की ओर से कहा गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग हो या फिर दूसरी तरह की योजयाएं, राज्य की हो या केंद्र सरकार की योजना, उस योजना की घोषणा के बाद जिस क्षेत्र में इस योजना को आना है, वहां की जमीनों की खरीद बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन और उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री टंकराम वर्मा ने विभाग के 2 साल के कामकाज का ब्योरा देते हुए ये बातें कही.
बड़ी परियोजनाओं के ऐलान के बाद नहीं बिकेगी वहां की जमीन
मंत्री टंकराम वर्मा आज छत्तीसगढ़ शासन के 2 साल पूरे होने पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री ने कहा, जमीनों की खरीद बिक्री, बड़ी परियोजनाओं के बाद प्रतिबंधित रहेगी.
बड़ी परियोजनाओं के आने के बाद अक्सर वहां पर जमीनों की खरीद बिक्री, उसके टुकड़े करने और साथ ही उसकी बंदोबस्ती में बदलाव किया जाता है. ऐसा होने से परियोजना, उससे जुड़े किसान और सरकार तीनों को घाटा होता है. इसमें बिचौलिए अपना फायदा कमाते हैं. इसे देखते हुए बड़ी परियोजनाओं के ऐलान के बाद वहां की जमीन के बंदोबस्ती पर पूरी तरह का प्रतिबंध रहेगी, जमीन की खरीद बिक्री नहीं होगी: टंकराम वर्मा, मंत्री
5 डिसमिल से कम की जमीन नहीं बिकेगी
मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा, सरकार ने भूमि संबंधी विवादों से निपटारे के लिए कई बड़ी योजनाओं को बनाया है. मंत्री ने बताया कि छोटी जमीन जो 5 डिसमिल से कम है, उसकी बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसमें भी कई तरह के ऐसे काम किए जाते थे, जो सरकार के राजस्व का घाटा करते थे.
नए नियम के अनुसार छत्तीसगढ़ जन आवास योजना में दो से लेकर 5 एकड़ की जमीन को TNC के नियम के अनुसार अनुमोदन के बाद प्लाटिंग करके बेचा जा सकता है, जो किसी भूखंड क्षेत्रफल का हो सकता है. लेकिन कोई एक भूखंड जो सिर्फ 5 डिसमिल या उससे कम का है, उस भूमि की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है. यह शहरी क्षेत्र में आमतौर पर जमीनों के विवाद का बड़ा कारण बनता है, इसलिए ये फैसला लिया गया: टंकराम वर्मा, मंत्री
विभाग के कामकाज के सुधारों की बात करते हुए मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा, पहले हाउसिंग बोर्ड की जमीन सरकार की होती थी. सरकार के नाम जमीन एयर उस पर फ्लैट हाउसिंग बोर्ड बनाता था, जिसके कारण इसके मालिकाना हक को देने में दिक्कत आती थी. टंकराम वर्मा ने बताया कि यदि कोई हाउसिंग बोर्ड में जमीन खरीद लेता है, या घर खरीदता है, तो मालिकाना हक नहीं होता था. बोर्ड की जमीन नहीं होने के कारण उस जमीन की बिक्री दूसरे को नहीं की जा सकती थी. मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सरकार ने यह निर्णय लिया है कि हाउसिंग बोर्ड के लिए जहां मकान बनेगा, उस स्थान की जमीन भी हाउसिंग बोर्ड के नाम पर ही होगी, ताकि जमीन के ट्रांसफर में किसी तरह की दिक्कत न आए.
जारी होगा भू आधार कार्ड
विभाग के कामकाज की जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि एग्री स्टॉक के तहत जिओ रिफ्रेशिंग फार्मर रजिस्ट्रेशन, डिजिटल क्रॉप्स सर्वे शुरू किया गया है. साथ ही नक्शे के लिए जियो रेफरेंसिंग के लिए 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है. सरकार सभी जमीनों के लिए भू आधार कार्ड जारी करेगी. मंत्री वर्मा ने कहा कि सभी भू नक्शा का जिओ रेफरेंसिंग किया जा रहा है. प्रत्येक भूखंड में यूनिक आइडेंटिटी पिन देते हुए सभी जमीन का भू आधार कार्ड जारी होगा. डीजीपीएस सिस्टम से जमीन सर्वे का काम चल रहा है इससे शहरी इलाके की छोटी से छोटी जमीन का कागज बनेगा.
जमीन संबंधी विवादों में आएगी कमी
मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा, जमीन से संबंधित विवादों का निपटारा जल्द हो इसलिए जमीन के सभी दस्तावेज को सिविल न्यायालय से डिजिटलाइज करते हुए जोड़ दिया गया है. इससे मामले के निपटारे में कोई दिक्कत नही आएगी और निपटारा भी जल्द होगा.
राजस्व अभिलेखों में सुधार का अधिकार तहसीलदारों को दिया गया
मंत्री ने कहा कि भू-अभिलेख सुधार जल्द इस सुविधा से हो जाएगा. मंत्री ने कहा कि अब राजस्व अभिलेखों में सुधार का अधिकार तहसीलदारों को दिया गया है, इससे बहुत सारे मामलों में जल्द निपटारा होगा. पहले यह अधिकार उप जिलाधिकारी के पास ही होता था. जिसके कारण मामले लंबित रखते थे, ऐसे मामले को बदलकर तहसीलदारों को भी दिए गए हैं, ताकि मामले का निपटारा जल्द से जल्द हो सके. टंकराम वर्मा ने कहा, अब किसान पुस्तिका कार्य खत्म होगा, क्योंकि अब कंप्यूटराइज्ड होने के बाद व्यवस्था ऑनलाइन हो जाएगी और ऑनलाइन व्यवस्था होने के बाद इसमें व्यापक सुधार आएगा. जमीनों के विवाद और उससे होने वाली परेशानी को लेकर कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में जो सरकारी जमीनों का आवंटन और रजिस्ट्रेशन किया गया था, उसकी भी जांच कराई जा रही है. उसमें जो भी नियम अनुसार कार्रवाई होगी वह की जाएगी.



