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पैदल लड़खड़ाते आए दिव्यांग, ट्राइसिकल-व्हीलचेयर लेकर खुशी-खुशी लौटे घर

दुर्ग । शहर की प्रसिद्ध सामाजिक संस्था जन समर्पण सेवा संस्था ने अपने सेवा कार्यों के 9 वर्ष पूर्ण होने पर एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है। संस्था ने जरूरतमंद दिव्यांगजनों को ट्राइसिकल, व्हीलचेयर और बैसाखी वितरित की, जिससे कई असहाय लोग जो पैदल लड़खड़ाते या बैसाखियों के सहारे चलते थे, अब स्वतंत्र होकर जीवन यापन कर सकेंगे।

संस्था की विशेष सहयोगी समाजसेविका सुश्री पायल जैन के जन्मदिवस के अवसर पर 2 जनवरी को आयोजित कार्यक्रम में 4 दिव्यांगजनों को सहायता सामग्री सौंपी गई। इनमें सुनीता राम (सुपेला, भिलाई) और दीपमाला देवराज (अटल आवास, उरला, दुर्ग) को ट्राइसिकल, अनंत कुमार पवार (हाउसिंग बोर्ड, भिलाई) को व्हीलचेयर तथा राजेश कुमार साहू (स्टेशन रोड, दुर्ग) को बैसाखी प्रदान की गई।

संस्था के सदस्य सुजल शर्मा और अख्तर खान ने बताया कि पिछले 9 वर्षों में संस्था ने 113 बैसाखी, 59 ट्राइसिकल और 56 व्हीलचेयर का वितरण किया है, जो अपने आप में एक कीर्तिमान है। संस्था 1 जनवरी 2017 से प्रतिदिन बिना नागा किए दुर्ग रेलवे स्टेशन एवं शहर के विभिन्न स्थानों पर 200 से अधिक गरीब-असहायों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराती है।

इसके अलावा गौ-सेवा, पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था, दीपावली पर कपड़े-मिठाई वितरण तथा ठंड में कम्बल बांटना जैसे कार्य भी संस्था निरंतर कर रही है। कार्यक्रम में संस्था अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ‘बंटी’, संदीप वोरा, विवेक मिश्रा, मनोज शर्मा सहित कई सदस्य उपस्थित थे।

संस्था का कहना है कि दिव्यांगता अभिशाप नहीं, बल्कि सही सोच से इसे व्यक्तित्व का हिस्सा बनाया जा सकता है। यह संस्था अब पूरे प्रदेश की सेवा संगठनों के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी है।

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