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कोशरिया मरार समाज ने धूमधाम से मनाया माँ शाकम्बरी जयंती का पर्व

आदर्श ग्राम मचांदुर में लगातार पांचवें वर्ष छेरछेरा पुन्नी पर भव्य कलश यात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और वृद्धजनों का सम्मान

मचांदुर (दुर्ग)। छत्तीसगढ़ के आदर्श ग्राम मचांदुर में कोशरिया मरार समाज द्वारा माँ शाकम्बरी जयंती का उत्सव लगातार पांचवें वर्ष बड़ी धूमधाम से मनाया गया। छेरछेरा पुन्नी के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में समाज की एकता और सांस्कृतिक विरासत का सुंदर प्रदर्शन देखने को मिला।

कार्यक्रम की शुरुआत माँ शाकम्बरी की पूजा-अर्चना और आरती से हुई। इसके बाद महिलाओं और युवतियों ने सिर पर सजे कलश लेकर भव्य कलश यात्रा निकाली, जो पूरे गांव का भ्रमण कर वापस मंच पर पहुंची। यात्रा के दौरान मंत्रोच्चार और जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।

यात्रा के बाद बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनमें नृत्य और गायन शामिल थे। रामधुनी भजन कार्यक्रम ने सभी उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

समाज की परंपरा अनुसार वृद्धजनों का शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। साथ ही कलश सजावट प्रतियोगिता में भाग लेने वाली महिलाओं को पुरस्कृत किया गया।

मुख्य अतिथि जनपद सदस्य ढालेश साहू ने कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच संघ अध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान युगल किशोर साहू के साथ की। अन्य प्रमुख उपस्थित जनों में उपसरपंच दुष्यंत कुमार साहू, पंच मंशा साहू, आशा पटेल, गीता पटेल, संरक्षक पाटन राज गौकरण पटेल, मोहन पटेल, सहसचिव राजेन्द्र पटेल, भुखन पटेल (पूर्व पार्षद उतई), समाज अध्यक्ष योगेश पटेल, उपाध्यक्ष सुखराम पटेल, कोषाध्यक्ष दिलीप पटेल, सचिव रिखीराम पटेल और सहसचिव अलखराम पटेल शामिल रहे।

अतिथियों ने माँ शाकम्बरी की अवतार कथा सुनाई – कैसे माँ ने दुर्गम दानव का वध कर धरती पर अकाल दूर किया और शताक्षी नाम से विख्यात हुईं। इस कथा से समाज में श्रद्धा और उत्साह का संचार हुआ।

बड़ी संख्या में समाज की महिलाएं, युवा और ग्रामीणजन उपस्थित रहे। यह आयोजन समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का प्रतीक बना।

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