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नए साल से पहले आ रहा है पश्चिमी विक्षोभ ; असली ठंड अब, यहाँ भारी बारीश

नए साल से पहले आ रहा है पश्चिमी विक्षोभ ; असली ठंड अब, यहाँ भारी बारीश ; वर्तमान में उत्तर भारत के कई राज्य भीषण शीत लहर की चपेट में हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में लगातार बर्फबारी हो रही है, जिसका सीधा असर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान जैसे मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले 3-4 दिनों में न्यूनतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठिठुरन और अधिक बढ़ जाएगी।कोहरे का पूर्वानुमान और दृश्यता की चुनौती
मौसम विभाग के अनुसार, 25 दिसंबर यानी क्रिसमस के दिन मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है, लेकिन यह राहत बहुत कम समय के लिए होगी। 26 दिसंबर से एक बार फिर घना कोहरा छाने का अनुमान है, जिससे यातायात और दृश्यता प्रभावित हो सकती है। विशेष रूप से आगरा, बरेली, प्रयागराज, अमृतसर और हिसार जैसे शहरों में अगले दो दिनों तक घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, इसलिए यात्रियों को रात और सुबह के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है ]।पश्चिमी विक्षोभ और बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है कि इस समय उत्तर भारत के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय है, जबकि दूसरा विक्षोभ 27 दिसंबर तक दस्तक दे सकता है। इसके प्रभाव से 27 से 29 दिसंबर के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और मुजफ्फराबाद में बारिश के साथ भारी बर्फबारी हो सकती है। वहीं, हिमाचल और उत्तराखंड में 28 और 29 दिसंबर को अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है, जो मैदानी इलाकों की हवाओं में और अधिक कनकनी पैदा करेगी।नए साल से पहले मौसम का बदलता मिजाज
नए साल के स्वागत से पहले मौसम एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। आने वाले दिनों में ठंड, गलन और कोहरे का मिला-जुला असर लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बन सकती है, जबकि बिहार में 28 दिसंबर तक कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है। पहाड़ों पर हो रही इस हलचल का असर पूरे उत्तर-पश्चिम भारत में नए साल की शुरुआत तक बना रहेगा।

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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