Uncategorized

Tata Motor Share Price: टारगेट प्राइस में 18% की बड़ी कटौती, टाटा मोटर्स को कहीं भारी ना पड़ जाए यह फैसला! – NSE:TATAMOTORS, BSE:500570

(Tata Motor Share Price, Image Source: Meta AI)

Tata Motor Share Price: टाटा मोटर्स की सब्सिडियरी कंपनी जागुआर लैंड रोवर ने शनिवार को अमिरिकी बाजार में एक्सपोर्ट रोकने का बड़ा कदम उठाया है। यह कदम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा लगाए गए नए टैरिफ के बाद उठाया गया है, ट्रंप ने हाल ही में ऐलान किया था कि अब अमेरिका में कारों के इम्पोर्ट पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। जागुआर लैंड रोवर का अमेरिका में एक बड़ा बाजार है, इसलिए यह फैसला कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है।

जागुआर लैंड रोवर ने क्या कहा?

कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर बयान जारी करते हुए कहा कि, वे इस तरह की परिस्थितियों के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि वे एक लक्जरी ब्रांड हैं जिनके उत्पादों की वैश्विक मांग है। अब कंपनी का ध्यान सिर्फ अमेरिका पर नहीं, बल्कि अन्य देशों पर भी है। जागुआर लैंड रोवर ने यह भी कहा कि वे यूएस ट्रेडिंग टर्म का आंकलन कर रहे हैं और भविष्य में कोई ठोस कदम उठाएंगे।

क्या टाटा मोटर्स की मुश्किलें बढ़ सकती हैं?

हालांकि, इस फैसले का टाटा मोटर्स की वित्तीय स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। दिसंबर तिमाही के दौरान जागुआर लैंड रोवर के प्रॉफिट में 17 प्रतिशत की गिरावट देखी गई थी। इस नई स्थिति से कंपनी के लाभ में और कमी आ सकती है, जिससे टाटा मोटर्स के लिए मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

टारगेट प्राइस में कटौती

टाटा मोटर्स के टारगेट प्राइस में 18 प्रतिशत की कटौती की गई है। ब्रोकरेज हाउस सीएलएसए ने टारगेट प्राइस को 930 रुपये से घटाकर 765 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। इसके बाद शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई और स्टॉक 6 प्रतिशत गिरकर 615.10 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। यही नहीं, टारगेट प्राइस में कटौती और अमेरिकी बाजार में एक्सपोर्ट रोकने के कारण अगले दिन भी बाजार में और गिरावट देखी जा सकती है।

नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

Related Articles

Back to top button