छत्तीसगढ़

कबीरधाम जिला सत्र न्यायालय के नेशनल लोक अदालत में 773 प्रकरणों का किया गया निराकरणMP Chunilal met Union Minister of State for Agriculture, apprised about the famine situation in Chhattisgarh 773 cases were resolved in the National Lok Adalat of Kabirdham District Sessions Court

कवर्धा :
कबीरधाम जिला सत्र न्यायालय के नेशनल लोक अदालत में 773 प्रकरणों का किया गया निराकरण

नेशनल लोक अदालत के सुनवाई एवं समझौते एक नजर में :-

 

ऽ मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के कुल 10 प्रकरण का निराकरण, जिसमें 58,लाख रूपए की अवार्ड राशि पारित की गई
ऽ जिले के सभी न्यायिक मजिस्ट्रेट के खण्डपीठ द्वारा 100-100 से अधिक प्रकरणों का निराकरण एक ही दिन में किया गया
ऽ राजस्व न्यायालय में कुल 8586 प्रकरणों का निराकरण हुआ
ऽ नगर पालिका द्वारा 69 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण करते हुए कुल 9,00,000 रूपए की वसूली की गई
कवर्धा, 11 सितम्बर 2021। देश के माननीय सर्वोच्च एवं राज्य के उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कबीरधाम जिला सत्र न्यायालय में आज शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला सत्र एवं न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्रीमती नीता यादव के मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत में पंजीकृत सभी प्रकरणों की सुनवाई एवं समझौते के लिए जिले में नौ खण्डपीठ गठित की गई थी। लोक अदालत में राजीनामा योग्य समस्त प्रकृति के प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 773 प्रकरणों का निराकरण किया गया।
जिला सत्र एवं न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्रीमती नीता यादव ने न्यायाधीशगण, उपस्थित पक्षकारगण एवं अधिवक्तागण तथा अन्य संस्थाओं के अधिकारियों की उपस्थिति में दीप प्रज्जवलित कर नेशनल लोक अदालत का विधिवत शुभारंभ किया। जिला न्यायालय के अलावा जिले के पंडरिया तहसील स्तर पर भी यह आयोजन किया गया। उन्होने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार आज नेशल लोक अदालत का आयोजन किया गया था। नेशनल लोक आदालत में न्यायाल में पहले से लंबित समझौते योग्य प्रकरणों को भी शामिल किए गए है। उन्होने बताया कि राजी नामा का मुख्य उद्देश्य यह है कि पक्षकारांं के लम्बे समय से चली आ रही कानूनी विवाद या लड़ाई का यथा शीघ्र समापन किया जाए। पक्षकरों के समय की बचत की जाएं। न्यायालय से राजीनाम के तहत पक्षकारों को जो न्याय मिलते है इसमें दोनों पक्षकरों की जीत होती है। उसका कही और अपील नहीं होती है। इस प्रकार पक्षकारों को समय और धन दोनों की बचत होती है। इससे उन दोनों के बीच में आपसी सौहार्द और अच्छे मधुर संबंध बनते है। इसलिए न्यायालय और पक्षकरांं की भी पूरी कोशिश होनी चाहिए की आपसी समझौते और राजीनामा से प्रकरण की सुनवाई हो।
नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य समस्त प्रकृति के प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 773 प्रकरणों का निराकरण किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के प्रकरणों में माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती नीता यादव द्वारा कुल 10 प्रकरण का निराकरण किया गया जिसमें 58,लाख रूपए की अवार्ड राशि पारित की गई। इसके अतिरिक्त कुटुम्ब न्यायालय द्वारा कुल 22 प्रकरणों का निराकरण किया गया। राजस्व न्यायालय में कुल 8586 प्रकरणों का निराकरण हुआ। इसी प्रकार नगर पालिका, कबीरधाम द्वारा 69 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण करते हुए कुल 9,00,000 रूपए. की वसूली की गई।
नेशनल लोक अदालत में जिला न्यायालय में कुल 09 खण्डपीठ गठित की गई थी, जिसमें माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती नीता यादव, कुटुम्ब न्यायालय के न्यायाधीश श्री आलोक कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री पंकज शर्मा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती स्वर्णलता टोप्पो, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री वेन्सेस्लास टोप्पो, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री नरेन्द्र कुमार नेताम, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री भूपत सिंह साहू, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती दीप्ति सिंह गौर एवं तहसील पण्डरिया न्यायालय के मजिस्ट्रेट श्री अविनाश कुमार दुबे की खण्डपीठ का गठन किया गया था, जिले के समस्त न्यायिक मजिस्ट्रेट के खण्डपीठ द्वारा 100-100 से अधिक प्रकरणों का निराकरण एक ही दिन में किया गया है। उक्त लोक अदालत के सफल आयोजन के अनुक्रम में जिला प्रशासन सहित अन्य समस्त विभागों का भरपूर सहयोग रहा है नगर पालिका तथा पुलिस विभाग द्वारा भी प्राधिकरण को सहयोग किया गया है। बरसात के मौसम के विशेष ध्यान में रखते हुए न्यायालय परिसर में वाटर प्रुफ टेंट की व्यवस्था की गई थी। दूर-दराज से आने वाले पक्षकारों को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो इसके लिए सहायता केन्द्र की भी व्यवस्था की गई दी। कोविड कोरोना संक्रमण के बचाव एवं रोकथाम को ध्यान में रखते हुए सभी खण्डपीठ में सोशल डिस्टेंसिंग एवं बचाव के अन्य प्रोटोकॉल का भी पालन किया गया गया।

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