धार्मिक नगरी रतनपुर मे बढ रहा लूटपाट जुआ हत्या व नशे का कारोबार.

धार्मिक नगरी रतनपुर मे बढ रहा लूटपाट जुआ हत्या व नशे का कारोबार…..
रवि तंबोली के साथ कान्हा तिवारी की रिपोर्ट
रतनपुर – धार्मिक नगरी रतनपुर इन दिनो जुर्म से कराह रहा है,जहां क्षेत्र में धड़ल्ले से लाखों रुपयों का आए दिन जुआ का फड लग रहा है। विभिन्न जिले से जुआरी जुआ खेलने रतनपुर क्षेत्र पहुंच रहे। वही नशे के कारोबारी नगर के युवाओ को अपना ग्राहक बना कर नशे के आदि बना रहे है,जिसके चलते क्षेत्र में अपराध बढ़ता जा रहा। अभी हाल ही मे लिम्हा जंगल मे थाना प्रभारी हरविंदर सिंह को मुखबिर से सूचना मिली की 15 से 20 कि संख्या मे जुए का फड चल रहा है, पुलिस टीम के द्वारा छापा मार कार्यवाही की गई जिसमे 7 लोग पकड मे आए लेकिन जुए के मुख्य सरगना को भागने मे कामयाबी मिल गई।सूत्रो की बात को माने तो पुलिस खुद अपराधियो को शय देने का काम रही है। जिससे अपराधी बेखौफ होकर अपराध को अंजाम दे रहे है,अभी हाल ही में रतनपुर क्षेत्र में एक ही जगह पर तीन लोगों की हत्या कर दी गई, लेकिन महीनों बाद भी पुलिस की पकड़ से आरोपी कोसों दूर है। शायद पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही या फिर ठंडे बस्ते में डाल दिया है। चोरी हत्या और बढ़ते नशे के कारोबार में पुलिस द्वारा अंकुश नहीं लगा पाना नगर वासियों की चिंता बढ़ा दी है।
पूर्व में जहां पुलिस को नगर के रक्षक का दर्जा देकर स्थानीय निवासी सम्मान करते रहे तो वही तात्कालिक पुलिस की कार्यवाही से स्थानीय नागरिको मे भारी रोष व्याप्त है,बावजूद जिले के आलाधिकारी इस ओर ध्यान व लोगो का भरोसा जितने कोई ठोस पहल नही कर रही,जिसके चले नगरवासियों व ग्रामीणजनों का भरोसा रतनपुर पुलिस से उठता जा रहा है। जुए की दर्जनों शिकायतों पर पुलिस केवल छोटे जुआरियों पर कार्रवाई कर अधिकारियों को खुश कर रहे और अवैध शराब की बिक्री को आबकारी विभाग की कार्रवाई बताकर पल्ला झाड़ रहे।
पुलिस को सुधारनी होगी अपनी छवि
रतनपुर पुलिस को अपनी छवि व कार्य करने की शैली मे सुधार करना जरूरी है तभी पुलिस नगर में लगातार पनप रहे अवैध कारोबार को कम कर सकती है। वहीं मुखबिरों और शिकायतकर्ताओं से मधुर संबंध बनाना होगा,ताकी बेहतर काम हो।लेकिन इन दिनों ऐसा दिखाई नही पड़ रहा,जिसका नतीजा साफ दिख रहा कि अपराधों में रतनपुर पुलिस को असफलता हाथ लग रही।




