छत्तीसगढ़

कोंडागांव कलेक्टर ने कहा नक्सलियों को जो करना है वो करे पर मैं जिले के विकास से पीछे नहीं हटूँगा

कोण्डागांव- जिले के छठवे कलेक्टर के रूप में कोंडागांव जिले की प्रशासन तंत्र को संभाले हुए जिलाधीश नीलकंठ टेकाम ने कलक्टोरेट परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम कें दौरान कहा कि, नक्सलियों को जो करना है वो करे पर मैं जिले के विकास से पीछे नहीं हटूगा। जिले के अंदरूनी इलाकों में जो मूलभूत समस्या है उसे दूर करने का प्रयास करता रहूगा। चाहे इसके लिए मैं मिट ही क्यों न जाउ। ज्ञात हो कि, कलक्टर नीलकंठ टेकाम के यहॉ पदस्थापना होने के बाद से जिले के विकास की गति तो लगातार बढ़ रही हैं। साथ ही उनकी मेहनत और उनके अधिनस्थ कर्मचारियों की लगन के चलते जिला प्रशासन ने खुद से ही दो योजनाओं का संचालन जिले में कुपोषण व स्वास्थ की समस्या से निपटने के लिए कर रहा हैं। आपको यह बता दे कि, कलक्टर ने जिले के अंदरूनी इलाकों में लगातार विकास की नींव रखी हैं। जिसका फायदा आज ग्रामीणें मिलने लगा हैं। उन्होंने चारगांव व मयूरडोंगर में वनाधिकार पट्टाधारियों के लिए जो कार्य किया। इसके साथ ही जिला मुख्यालय में विकास व सौदर्यीकरण के जो कार्य किए हैं, तो उन्हें केंद्र सरकार ने भी अवार्ड देकर नवाजा है तो वही स्थानीय नागरिकों ने कलक्टर का नागरिक अभिनंदन के नाम से एक कार्यक्रम आयोजित कर उनका सम्मान भी कर चुके हैं।अंदरूनी इलाकों पर कलक्टर की नजर-जिले मे कलक्टर टेकाम के आने के बाद जितने भी कार्य हुए है उसमें से आधे से ज्यादा कार्य अंदरूनी इलाकों में ही देखने को मिलते हैं। जिन अंदरूनी इलाकों मे आज तक कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुचे वहॉ पहुंचकर लोगों से चर्चा की और उनकी समस्याओं का निराकरण करने में सफल रहे। मैदानी इलाकों की तुलना में जंगली इलाको में कलक्टर ने अब तक जो कार्य किया है। उसका नतीजा यह रहा कि, आज जिले के कभी माओवादी गढ़ कहे जाने वाले इलाकों में सड़क, पानी, शिक्षा व स्वास्थ्य की सुविधा मुहैया हो चुकी हैं।

सबका संदेस ब्यूरो कोंडागांव 9425598008

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