
रायपुर : छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर सियासत चरम पर है। आम आदमी पार्टी ने 10 फरवरी को राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निवास का घेराव किया। पार्टी का आरोप – सरकार ने लाखों किसानों को धोखा दिया है!”

“कार्यकारी अध्यक्ष देवलाल नरेटी ने कहा – ‘करीब 3 लाख किसान अब तक अपना धान नहीं बेच पाए। सरकार किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर कर रही है। बीज-खाद की कमी के बाद अब टोकन के लिए भटक रहे हैं!'”
AAP की प्रमुख मांगें:
- धान खरीदी की तारीख 28 फरवरी तक बढ़ाई जाए।
- भुगतान एकमुश्त हो, 25 हजार की दैनिक लिमिट हटे।
- छोटे किसानों से जबरन रकबा समर्पण बंद हो।
- टोकन व्यवस्था में सुधार और सभी किसानों का धान खरीदा जाए।”
“प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। हजारों AAP कार्यकर्ता पहुंचे, लेकिन भारी पुलिस बल के कारण घेराव पूरा नहीं हो सका। पार्टी ने चेतावनी दी – ‘मांगें नहीं मानी गईं तो ब्लॉक स्तर पर भी आंदोलन तेज होगा!'”
“याद रहे, सरकार ने पहले 31 जनवरी के बाद 5-6 फरवरी तक एक्सटेंशन दिया था, लेकिन AAP का कहना है कि अभी भी बहुत से किसान वंचित हैं। धान छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है – अगर किसान परेशान रहे तो ग्रामीण इलाकों में संकट गहरा सकता है।”
आज के इस घेराव में प्रदेश संगठन मंत्री संजीत विश्वकर्मा, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष देवलाल नरेटी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, वदूद आलम, सूरज उपाध्याय समेत हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए । प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए थे, जिसके चलते काफी देर तक गहमागहमी बनी रही।
अब देखना है कि CM साय सरकार क्या फैसला लेती है? क्या तारीख बढ़ेगी या आंदोलन और भड़केगा? कमेंट में बताएं आपकी क्या राय है।




