छत्तीसगढ़

क्या है हिट एंड रन कानून? रायपुर के अधिवक्ता ने बताया सब कुछ, खबर में जानें पूरा सच

रायपुरः- इन दिनों नए कानून हिट एंड रन को लेकर छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में काफी चर्चा हो रही है. जानकारी के अनुसार हिट एंड रन भारतीय न्याय संहिता में अब कानून बन चुका है. आने वाले समय में इसके नए प्रावधान, भारतीय दंड संहिता के पुराने प्रावधानों की जगह ले लेंगे. नए प्रावधान के अनुसार यदि सड़क दुर्घटना में वाहन से किसी की मौत हो जाती है, तो वाहन चालक को 10 साल जेल की सजा होगी. साथ ही साथ उसे जुर्माना भी भरना पड़ेगा. फिलहाल सरकार ने इस कानून को अभी वापस ले लिया है और इसे अभी लागू नहीं किया जा रहा है.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के अधिवक्ता सजल कुमार साहा ने हिट एंड रन के बारे में बताते हुए कहा  कि यह कानून वाहन परिवहन से संबंधित है. अक्सर किसी वाहन से टकराकर व्यक्ति को चोंट आती है या उसकी मृत्यु हो जाती है, इस स्थिति में वाहन चालक अपने वाहन को छोड़कर फरार हो जाता है. अब इस स्थिति में चालक को 10 साल की कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है. साथ ही साथ जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है. इस कानून को लेकर देश में काफी विरोध हो रहा है. सभी परिवहन कर्मचारी हड़ताल पर उतर आए हैं.

सड़क दुर्घटना सुनियोजित ना होना
सजल कुमार ने बताया कि 10 साल की सजा काफी ज्यादा होती है. सड़क दुर्घटना सुनियोजित नहीं होती है और ना ही कोई वाहन चालक ऐसा जान बूझकर करता है. दुर्घटना ऐसे ही अचानक हो जाती है. इस दृष्टि से देखा जाए, तो इस कानून के तहत 10 साल की सजा काफी अधिक होगी. इसी से संबंधित पुराने कानून में इसकी सजा केवल 2 साल ही थी. आज वाहन चालक पर ऐसी कार्यवाही होना गैर जमानती धारा की श्रेणी में आएंगा. किसी भी वाहन चालक से इस प्रकार की घटना होती है, तो उसपर बिना कोई सोच विचार के 10 साल की सजा दे दी जाएगी.सड़क दुर्घटनाओं पर कमी आएगी ?
आगे उन्होंने बताया कि इस नए कानून पर पुर्नविचार जरूर होना चाहिए. हमारे देश में सड़क दुर्घटना से आए दिन मौत होती रहती है. क्या इस कानून से सड़क दुर्घटनाओं पर कमी आएगी ? इस सवाल का जवाब देते हुए सजल कुमार ने कहा कि मुझे ऐसा नहीं लगता है कि इस नए कानून से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी. इतिहास में भी देखा गया है कि सजा सख्त होने पर अपराध में कमी नहीं आती है. आंशिक रूप से कमी आ सकती है. फिर भी सड़क दुर्घटना तो दुर्घटना ही है. सड़क दुर्घटना कभी भी सुनियोजित नहीं होती है. 80 प्रतिशत घटनाएं तो लापरवाही के कारण होती हैं

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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