विकास खंड खड़गवां का महिला बाल विकास परियोजना कार्यालय द्वारा आगनबाड़ी केन्द्रों मे रेडी टू ईट फूड वितरण Ready to eat food distribution in Anganwadi centers by Women Child Development Project Office of Development Block Khadgwan

श्री कांत जायसवाल कोरिया
बैकुठपुर/ विकास खंड खड़गवां का महिला बाल विकास परियोजना कार्यालय द्वारा आगनबाड़ी केन्द्रों मे रेडी टू ईट फूड वितरण करने वाले समूहों को पिछले पांच माह से रेडी टू ईट फूड की राशि का भुगतान नहीं होने के कारण समूहों को रेडी टू ईट फूड की निर्माण सामग्री की खरीदी करने में बड़ी मुश्किले आ रही हैं। बकाया राशि का खड़गवां महिला बाल विकास परियोजना के द्वारा पांच माह से भुगतान नहीं होने से समूहों के द्वारा रेडी-टू-ईट निर्माण सामग्री क्रय करने में विलम्ब हो रहा है। जिसके कारण समूहों द्वारा सही समय पर रेडी टू ईट फूड के निर्माण कार्य एवं वितरण में समस्या उत्पन्न हो रही है। जबकि परियोजना अधिकारी के द्वारा परियोजना से जुड़े समूहों को नोटिस पर नोटिस जारी किया जा रहा है। एक तरफ़ पांच माह से राशि का भुगतान नहीं किये और समूहों पर रेडी टू ईट फूड के निर्माण कार्य एवं वितरण का समय पर नहीं होने पर नोटिस दिये जाने से समूहों के सदस्य आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं। समूह के सदस्यों का यह भी कहना है कि परियोजना में पदस्थ लिपिक मुख्यालय में आम तौर पर बहुत कम समय के लिए आता है और अपने काम को लेकर गंभीर भी नहीं रहता है। लिपिक की लापरवाही के कारण पांच माह से रेडी टू ईट फूड निर्माण कार्य करने वाले समूहों की राशि का भुगतान नहीं किया गया है।कोरिया। पोडी बचरा विकास खंड खड़गवां का महिला बाल विकास परियोजना कार्यालय द्वारा आगनबाड़ी केन्द्रों मे रेडी टू ईट फूड वितरण करने वाले समूहों को पिछले पांच माह से रेडी टू ईट फूड की राशि का भुगतान नहीं होने के कारण समूहों को रेडी टू ईट फूड की निर्माण सामग्री की खरीदी करने में बड़ी मुश्किले आ रही हैं। बकाया राशि का खड़गवां महिला बाल विकास परियोजना के द्वारा पांच माह से भुगतान नहीं होने से समूहों के द्वारा रेडी-टू-ईट निर्माण सामग्री क्रय करने में विलम्ब हो रहा है। जिसके कारण समूहों द्वारा सही समय पर रेडी टू ईट फूड के निर्माण कार्य एवं वितरण में समस्या उत्पन्न हो रही है। जबकि परियोजना अधिकारी के द्वारा परियोजना से जुड़े समूहों को नोटिस पर नोटिस जारी किया जा रहा है। एक तरफ़ पांच माह से राशि का भुगतान नहीं किये और समूहों पर रेडी टू ईट फूड के निर्माण कार्य एवं वितरण का समय पर नहीं होने पर नोटिस दिये जाने से समूहों के सदस्य

आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं। समूह के सदस्यों का यह भी कहना है कि परियोजना में पदस्थ लिपिक मुख्यालय में आम तौर पर बहुत कम समय के लिए आता है और अपने काम को लेकर गंभीर भी नहीं रहता है। लिपिक की लापरवाही के कारण पांच माह से रेडी टू ईट फूड निर्माण कार्य करने वाले समूहों की राशि का भुगतान नहीं किया गया है।



