वन विभाग के सभी रेंज में वनखण्ड क्लस्टर बनाये जायेंगे, कलेक्टर ने दिये निर्देश

वन विभाग के सभी रेंज में वनखण्ड क्लस्टर बनाये जायेंगे, कलेक्टर ने दिये निर्देश
कांकेर लघु वनोपज के संग्रहण एवं प्रसंस्करण से जोड़ने के लिए जिले में वन विभाग के प्रत्येक रेंज में वन खण्ड क्लस्टर बनाया जायेगा, 15 से 20 गांवों को मिलाकर एक क्लस्टर बनाये जायेंगे तथा 18 से 40 आयु वर्ग के युवाओं का समूह बनाकर वनों का संरक्षण एवं लघु वनोपज का संग्रहण और प्रसंस्करण किया जायेगा, इसके लिए अनुविभागीय अधिकारी वन को समुचित कार्यवाही करने एवं एसडीएम को सतत मॉनिटरिंग करने के लिए कलेक्टर के.एल. चौहान द्वारा निर्देशित किया गया है।
मंगलवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कलेकटर चौहान ने कहा कि मर्दापोटी वन क्लस्टर के भांति जिले के सभी वन रेंज में क्लस्टर बनाया जाय। उनके द्वारा सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के लिए त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गये। सौंपे गये दायित्व को समय-सीमा में पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य के लिए स्मरण पत्र भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ना चाहिए। गोधन न्याय योजना अंतर्गत गोबर खरीदी और उसके भुगतान तथा गोबर से कंपोस्ट खाद बनाने के संबंध में निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि साग-सब्जी के सूखा एवं गीला कचरा और ग्रामीणों द्वारा उपयोग में लाये गये अन्य कचरा को संग्रहित कर गोबर के साथ कंपोस्ट खाद बनाया जावे। जनपद पंचायतो के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देशित करते हुए कलेक्टर चौहान ने कहा कि सभी गौठान के लिए चरवाहा नियुक्त किया जाये। गौठान के गोबर पर चरवाहा का अधिकार होगा और चरवाहा द्वारा भी प्रतिदिन गौठान में गोबर का विक्रय किया जायेगा। जिले के सभी 197 गौठानों के लिए स्वीकृत 536 नाडेफ टॉका के निर्माण में तेजी लाने और उन्हें समय-सीमा में पूरा करने के लिए भी उनके द्वारा निर्देशित किया गया। नगरीय क्षेत्रों के गौठानों में भी गोबर की खरीदी करने तथा कंपोस्ट खाद बनाने के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिये गये है।
सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कलेक्टर चौहान ने कहा कि जिस विभाग में निर्माण कार्य जैसे-कार्यालय एवं अन्य सार्वजनिक भवन व संस्था का निर्माण किये जा रहें है, उस विभाग के अधिकारी का दायित्व होगा कि वह निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करें। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी कोई भी विभाग हो सकता है, लेकिन जिस विभाग का भवन बन रहा है, उस विभाग के अधिकारी भवन निर्माण कार्य का सतत निरीक्षण करें और गुणवत्ता का पालन करायें। राशन कार्डधारी उपभोगताओं के आधार कार्ड के संकलन की समीक्षा भी उनके द्वारा की गई, इसके साथ ही मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, स्कूली विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन के सूखा राशन का वितरण की समीक्षा भी की गई। लंबित प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा करते हुए सभी प्रकरणों को समय-सीमा के भीतर निराकृत करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे, अपर कलेक्टर एस.के. वैद्य सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी, एसडीएम, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी उपस्थित थे।