Uncategorized

धान के नर्सरी में ब्लास्ट की समस्या का होगा समाधान

धान के नर्सरी में ब्लास्ट की समस्या का होगा समाधान कांकेर- जिले में वर्षा तथा उष्ण जलवायु के कारण धान की नर्सरी में ब्लास्ट की समस्या देखी गई है। किसान ब्लास्ट की पहचान आसानी से कर सकते हैं, शुरूवाती दिनों में नाव या आंख की आकार के भूरे धब्बे पत्तियों पर दिखाई देते है तथा पांच से छः दिन बाद धब्बों के मध्य राख के समान सफेद दिखाई देते हैं। इसके रोकथाम के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर के वैज्ञानिकों ने बताया कि कवकनाशी दवा

 

 

टेबूकोनाजोल या आइसोप्रोथ्योनॉल 1.5 ग्राम प्रति लीटर पानी के साथ घोल बनाकर नर्सरी में छिडकाव करें। इससे नर्सरी में होने वाली धान में ब्लास्ट की समस्या से निजाद पा सकते हैं।

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

Related Articles

Back to top button