warns of another invasion of locusts in July | भारत में फिर से हो सकता है टिड्डी दल का हमला | nation – News in Hindi


(फोटो साभार: ट्वीटर)
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य सुरक्षा संगठन (UNFAO) ने चेतावनी जारी कर कहा है कि जुलाई के दौरान भारत फिर से टिड्डी दल (Locust Attack) का हमला हो सकता है.
राजस्थान के रेगिस्तान में मॉनसून की शुरुआत के साथ अंडे देने से पहले पूर्व और पश्चिम की ओर झुंड घूमेंगे. इनकी लहरें जून में दक्षिणी ईरान और जुलाई में ‘हॉर्न ऑफ अफ्रीका’ (Horn of Africa) प्रायद्वीप से मिलेंगी. विशेषज्ञों के अनुसार पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में खेती को नुकसान पहुंचाने वाले टिड्डी दल अप्रैल में पाकिस्तान से भारत आए . मौजूदा झुंड भी ‘हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका’ से आया था.
एफएओ ने कहा कि उत्तर-पूर्व सोमालिया तक पहुंचने वाले झुंड के उत्तरी हिंद महासागर में भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में जाने की संभावना है. सोमालिया और इथियोपिया में ऐसी ही स्थिति चल रही है. नये स्वार्म्स मध्य-जून के बाद केन्या से इथियोपिया और उत्तर सूडान से दक्षिण सूडान की ओर जाएंगे. बता दें टिड्डियां एक दिन में 150 किमी तक उड़ सकती हैं और एक वर्ग-किलोमीटर का झुंड 35,000 लोगों के जितना भोजन खा सकता है.
पूर्वी अफ्रीका में, उत्तर-पश्चिमी केन्या में दूसरी पीढ़ी का प्रजनन चल रहा है और कई हॉपर बैंड्स बने हैं जो जून के दूसरे सप्ताह से कम से कम मध्य जुलाई तक इम्मैच्योर स्वार्म्स को बढ़ावा देंगे.एफएओ ने पहले भी दी थी चेतावनी
इससे पहले एफएओ ने चेतावनी दी थी कि टिड्डियों के झुंड के राजस्थान में जुलाई तक निरंतर आगमन के कई दौर चलेंगे तथा वे उत्तर भारत में पूर्व की ओर बिहार और ओडिशा तक फैलेंगे जिसके बाद मानसूनी हवा के रुख में बदलाव के साथ राजस्थान लौटेंगे.
एफएओ ने कहा था की टिड्डियों के दक्षिण भारत तथा नेपाल और बांग्लादेश तक पहुंचने की संभावना कम है. भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार फसल खाने वाले ये कीट पाकिस्तान के रास्ते भारत में प्रवेश कर के राजस्थान, पंजाब, गुजरात और मध्य प्रदेश के अलावा, यह उत्तर प्रदेश के झांसी जिले और महाराष्ट्र के रामटेक शहर में भी प्रवेश कर गये हैं.
एफएओ के महानिदेशक क्यू डोन्ग्यू ने 22 मई को आगाह किया था कि रेगिस्तानी टिड्डियों को नियंत्रित करने के प्रयासों में समय लगेगा. आने वाले महीनों में, इथियोपिया, केन्या और सोमालिया में रेगिस्तानी टिड्डियों के दल प्रजनन जारी रखेंगे.
First published: June 6, 2020, 7:49 AM IST