छत्तीसगढ़

आपसी दुश्मनी के चलते उपाध्यक्ष पवन जायसवाल को षडयंत्र कर फसाया जाने की बात सामने आई

आपसी दुश्मनी के चलते उपाध्यक्ष पवन जायसवाल को षडयंत्र कर फसाया जाने की बात सामने आई

कबीरधाम छत्तीसगढ़
नगर पालिका उपाध्यक्ष पवन जायसवाल और वार्ड क्रमांक 11 के पूर्व निर्दलीय प्रत्याशी चीकू जायसवाल के बीच हुआ विवाद। मामला एक किराए के मकान से शुरू होकर देखते ही देखते पूरे मोहल्ले और फिर राजनीति की गलियों तक पहुंच गया।
चाय पर चर्चा यह है कि नगर पालिका उपाध्यक्ष पवन जायसवाल के मकान में करीब 6–7 परिवार किराए पर रहते हैं। इन्हीं किराएदारों में से एक चंद्रवंशी युवक के यहां किसी लड़की के आने-जाने को लेकर मोहल्ले के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। देखते ही देखते बात बढ़ी  और विवाद की स्थिति बन गई। हालांकि बाद में यह बात सामने आई कि जिस लड़की को लेकर हंगामा किया जा रहा था, वह उस युवक की बहन थी। यानी जिस बात को लेकर शंका और आरोप लगाए गए, वह उतनी गंभीर नहीं थी जितना माहौल बना दिया गया। किराया बालिक को दिया जा सकता है
मोहल्ले के लोगों का कहना है कि विवाद तब ज्यादा बढ़ गया जब चीकू जायसवाल द्वारा पवन जायसवाल के मकान का वीडियो बनाया जाने लगा। पवन जायसवाल ने इसका विरोध किया तो मौके पर मौजूद भीड़ उग्र हो गई और कहासुनी ने झगड़े का रूप ले लिया। चर्चा यह भी है कि इसी दौरान पत्थरबाजी हुई जिसमें पवन जायसवाल के सिर पर गंभीर चोट आई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उनके सिर पर करीब 18 टांके लगाए गए।
इस घटना के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। पवन जायसवाल का आरोप है कि चीकू जायसवाल और उनके साथियों ने उन पर पत्थर से हमला किया। वहीं दूसरी ओर चीकू जायसवाल का कहना है कि वह इस घटना में शामिल नहीं थे और उन्हें राजनीतिक रूप से बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। दोनों पक्षों ने थाने का दरवाजा खटखटाया है—पवन जायसवाल ने चीकू जायसवाल सहित चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, जबकि चीकू जायसवाल ने भी अपना पक्ष रखते हुए थाने में आवेदन दिया है।
चाय की दुकानों पर बैठने वाले लोग यह भी याद दिला रहे हैं कि नगर पालिका चुनाव में वार्ड क्रमांक 11 से पवन जायसवाल और चीकू जायसवाल के बीच कड़ी टक्कर हुई थी। चुनाव में पवन जायसवाल की जीत हुई और चीकू जायसवाल को हार का सामना करना पड़ा। तब से लेकर अब तक दोनों के बीच राजनीतिक खटास की चर्चा समय-समय पर सामने आती रही है। मोहल्ले में सफाई, कचरा या अन्य नगर पालिका के कामों को लेकर चीकू जायसवाल द्वारा वीडियो बनाकर सवाल उठाए जाते रहे हैं, जिससे दोनों के बीच तनातनी बनी रहती थी।
अब इस ताजा घटना ने उस पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को फिर से हवा दे दी है। मोहल्ले में चर्चा यह भी है कि अचानक इतनी भीड़ वहां कैसे पहुंची, किसने बुलाया और किस मकसद से माहौल को गरम किया गया—यह सब जांच का विषय है।
इसी तरह मझगांव के मामले को भी राजनीति रंग देकर बड़ा बनाया गया और सामाजिक विरोधी ने षड़यंत के चलते अभिताभ नामदेव ऊपर विगत कुछ दिन पूर्व कुछ इसी तरह का मामला सामने आया था। जिसमें पूछताछ की वीडियो को गलत तरीके से सोशल मीडिया में चलवाई गई थी और भीड़ इक्कठा कराया गया। हालांकि पुलिस इस मामले में भी कुछ गलत नहीं पाई गई थी
आखिर पुलिस किस धारा के तहत किराया देने को जुर्म मानती है।
आखिर सोशल मीडिया में कुछ नवसीखिये बिना रजिस्ट्रेशन के पोर्टल में खबर फेक चलाकर कब तक लोगो को भ्रमित करते रहेंगे।ये जांच का विषय है।
फिलहाल मामला पुलिस के पास है और लोग यही उम्मीद कर रहे हैं कि सच सामने आए और बेवजह के विवाद को खत्म किया जाए। क्योंकि मोहल्ले के लोग मानते हैं कि आपसी गलतफहमी और राजनीति का तड़का लगने से एक साधारण विवाद ने बड़ा रूप ले लिया।

अब देखना यह होगा कि पुलिस जांच में क्या सच्चाई सामने आती है।
“मामला छोटा था, लेकिन राजनीति और भीड़ ने उसे बड़ा बना दिया।”

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