
भिलाई / छत्तीसगढ़ की खबरों में आज सबसे बड़ी सुर्खी – भिलाई नगर निगम में फिर से आ गया भ्रष्टाचार का तूफान ! भाजपा पार्षदों ने परियोजना शाखा में 12 करोड़ 66 लाख रुपये से ज्यादा के पेवर ब्लॉक कार्यों में संगठित घोटाले का आरोप लगाया है । निगम आयुक्त और महापौर पर सीधे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाया है, फाइलें छिपाने का भी दावा किया है ।
भिलाई नगर निगम की परियोजना शाखा में पिछले कुछ महीनों में हुए पेवर ब्लॉक लगाने के कार्य अब विवादों में घिर गए हैं । भाजपा के 24 पार्षदों ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि 12 करोड़ 66 लाख रुपये के इन कार्यों में गुणवत्ता, मात्रा, स्थल और भुगतान में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं।
पार्षदों का कहना है कि ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए फाइलें छिपाई जा रही हैं और जांच से बचने की कोशिश की जा रही है। जिसके लिए निगम आयुक्त की भूमिका को संदिग्ध बताया गया है।
भिलाई निगम के वार्ड 14 से भाजपा पार्षद संतोष मौर्य ने दावा करते हुए कहा कि, “निगम के अधिकारी एक गिरोह की तरह काम कर रहे हैं। पेवर ब्लॉक के नाम पर करोड़ों की लूट हुई है। अगर जांच नहीं हुई तो हम इस्तीफा दे देंगे, लेकिन सच्चाई सामने आएगी!”
वही भिलाई निगम के नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने कहा कि “महापौर और आयुक्त के खिलाफ दस्तावेजी सबूत हैं। वाहन शाखा का डीजल घोटाला हो या पेवर ब्लॉक, सबमें भ्रष्टाचार साफ दिख रहा है। जांच समिति तुरंत बननी चाहिए!”
भाजपा जिला प्रभारी रामजी भारती भी इस प्रेस मीट में मौजूद रहे। पार्षदों ने पुराने मामलों जैसे डीजल घोटाले का भी जिक्र किया और कहा कि निगम प्रशासन जांच समिति बनाने से बच रहा है। बहरहाल अभी तक निगम प्रशासन या महापौर की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अगर जांच होती है तो सच सामने आएगा, लेकिन फिलहाल भिलाई में सियासी तापमान बढ़ता जा रहा है।




