छत्तीसगढ़

जनप्रतिनिधि की आवाज़ दबाने की साजिस/साहू समाज की महिला पार्षद पर FIR…..

जनप्रतिनिधि की आवाज़ दबाने की साजिस/साहू समाज की महिला पार्षद पर FIR…..

छत्तीसगढ़ बिलासपुर भूपेंद्र साहू ब्यूरो रिपोर्ट / बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन करना वार्ड क्रमांक-5 की पार्षद गायत्री साहू और उनके पति तिफरा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू को भारी पड़ गया। पुलिस ने दोनों पर एफआईआर दर्ज कर दी। इस कार्रवाई ने पूरे साहू समाज को झकझोर दिया है। जिला साहू संघ ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर कुठाराघात बताते हुए तीखी आपत्ति दर्ज की है।
संघ ने जताया आक्रोश..
जिला साहू संघ के महामंत्री पप्पू साहू ने बयान जारी कर कहा… जनता की समस्याओं को लेकर आवाज उठाना अपराध नहीं है। यह निर्वाचित प्रतिनिधि का संवैधानिक अधिकार है। महिला पार्षद पर एफआईआर समाज का खुला अपमान है।
आखिर क्या है पूरा मामला…?
पानी की किल्लत, टूटी सड़कों और गंदगी से त्रस्त नागरिक पार्षद के साथ निगम पहुंचे।

नाराज़ लोगों ने नारेबाज़ी की, बाहर सड़क जाम हुई:-
निगम अधिकारियों ने रिपोर्ट दर्ज कराई और पुलिस ने पार्षद व उनके पति पर शांति भंग व अव्यवस्था फैलाने का केस दर्ज कर दिया।
प्रशासन ने भी रखा अपना का पक्ष…!
नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम और दफ्तर का कामकाज ठप हो गया था, इसलिए एफआईआर दर्ज की गई।
जिला साहू संघ के सवाल…!
क्या जनता की समस्याओं पर आवाज उठाना गुनाह है…?
महिला पार्षद को निशाना बनाना समाज का अपमान क्यों न माना जाए?
बहुसंख्यक साहू समाज की प्रतिनिधि पर कार्रवाई का औचित्य क्या है?
समाज कीअगली लड़ाई की तैयारी…
जिला साहू संघ ने ऐलान किया है कि प्रतिनिधिमंडल उपमुख्यमंत्री अरुण साव से मुलाकात कर एफआईआर वापस लेने की मांग करेगा। चेतावनी दी गई है यदि कार्रवाई नहीं रद्द हुई तो जिलेभर में उग्र आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
नगर निगम की लापरवाही पर उठी आवाज़ लगाया आरोप… को दबाने की कोशिश ने अब बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है।

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