बिना स्वीकृत कार्य के फर्जी बिल। पल्लव नायक बिलासपुर वन परिक्षेत्र के सबसे बड़े भ्रष्टाचारी, न सरकार की चिंता, न नियम का डर, उच्च अधिकारियों के भी मुंह पैसे से बंद करने की है ताक़त बिना स्वीकृत कार्य के फ़र्ज़ी बिल को रखते है स्वीकृत कराने की ताक़त।

बिना स्वीकृत कार्य के फर्जी बिल। पल्लव नायक बिलासपुर वन परिक्षेत्र के सबसे बड़े भ्रष्टाचारी, न सरकार की चिंता, न नियम का डर, उच्च अधिकारियों के भी मुंह पैसे से बंद करने की है ताक़त बिना स्वीकृत कार्य के फ़र्ज़ी बिल को रखते है स्वीकृत कराने की ताक़त।
छत्तीसगढ़ बिलासपुर भूपेंद्र साहू ब्यूरो रिपोर्ट। ज्ञात सूत्रोंसे मिली जानकारी अनुसार बिलासपुर वनपरिक्षेत्र अंतर्गत पल्लव नायक के द्वारा बिना स्वीकृति के कई तरह से फ़र्ज़ी कार्य किया गया एवं बाद मे कार्य को अपने हिसाब से पैसों के दम पर उच्च अधिकारीयों को बराबर की हिस्सेदारी परोस कर स्वीकृत करवाकर फ़र्ज़ी बिल बाउचर तैयार कर राशि भी आहारण कर ली गयी आहारित राशि को बिल बाउचर के हिसाब से न जमा करवाकर अपने निजी स्वार्थ सिद्धि हेतु अपने करीबियों के खातों मे जमा कराकर आपसी बंदरबाँट कर लिया गया परिक्षेत्र अधिकारी पल्लव नायक के लिए भ्रस्टाचार करना अब एक आम बात हो गयी हैं शायद उन्हें DFO बिपुल अग्रवाल एवं CCF प्रभात मिश्रा एवं PCCF श्रीनिवास राव से खुला संरक्षण मिल रहा वार्षिक कार्य आयोजना 2024-25 मे स्वीकृत जल ग्रहण क्षेत्र प्रबंधन ए.पी.ओ. प्रथम वर्ष पातन श्रेणी बिलासपुर-2 कूप न 11 कक्ष क्रमांक 30 एवं 31 आर एफ कार्य योग्य रकबा 182.380 एवं 196.640 हे अंतर्गत सीड़बाल एवं रोपण SCT समोच्च खनती निर्माण कार्य करने मजदूरी भुगतान को बड़े ही फ़र्ज़ी तरीके से अंजाम दिया गया प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर वन परिक्षेत्र अधिकारी पल्लव नायक द्वारा जून माह 2024 से मजदूरी कार्य शुरू कर दिया गया था जो की नवंबर माह तक चला परन्तु कार्य की स्वीकृति अक्टूबर माह में मिली अब सोचने की बात यह हैं की बिना स्वीकृति के किस आधार पर कार्य की शुरुवात की गयी बिल बाउचर मे जिन खाता धारको के नाम हैं उमने से ज्यादातर लोग 25 किलोमीटर से अधिक दुरी के हैं एवं बिल बाउचर मे जिन मजदूरों के नाम डाले गए हैं उनमे ज्यादातर लोगो के खातो मे धनराशि ही जमा नहीं की गयी वन परिक्षेत्र अधिकारी पल्लव नायक द्वारा इस प्रकार के भ्रस्टाचार को अंजाम देना आम बात हो गयी हैं पूर्व मे इनके परिक्षेत्र से सम्बंधित कई सारे शिकायत की जांच हेतु प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन संरक्षक ने DFO को लिखा DFO के द्वारा SDO एवं अन्य अधिकारियो को जांच आदेश दिए परन्तु पल्लव नायक के द्वारा भ्रस्टाचार की रबड़ी सब को खिला के अधिकारीयों के मुँह बंद कर दिए गए आज पर्यन्त तक किसी भी शिकायत मे किसी भी प्रकार की कोई जाँच नहीं हुई बिलासपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत भ्रस्टाचार की सारे हदे पार की जा चुकी हैं परन्तु कोई भी अधिकारी किसी भी प्रकार की कार्यवाही करने को तैयार ही नहीं क्योंकि पल्लव नायक द्वारा भ्रस्टाचार का मेवा सभी को बाँटा जा रहा हैं भ्रस्टाचार के इस खेल मे क्या वन मंत्री केदार कश्यप भी शामिल हैं या वो इन सारे भ्रस्टाचार से अनजान हैं यह सोचनीय विषय हैं।

