छत्तीसगढ़

मैनपाट ट्रैकिंग कैंप में कोण्डागांव के रोवर रेंजर सम्मिलित हुए, प्रदेश भर से 222 रोवर एवं रेंजर्स ने लिया भाग

  
कोंडागाँव । भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त माननीय श्री विनोद सेवन लाल चंद्राकर के आदेशानुसार भारत स्काउट एवं गाइड छत्तीसगढ़ राज्य सचिव श्री कैलाश सोनी के मार्गदर्शन एवं शिविर संचालक श्री त्रिभुवन शर्मा जिला संगठन आयुक्त सरगुजा के नेतृत्व में राज्य स्तरीय रेंजर रोवर ट्रैकिंग कैंप छत्तीसगढ़ के शिमला मैनपाट में दिनांक 6 से 10 जनवरी 2020 तक आयोजित किया गया। 

ट्रैकिंग कैंप के आयोजन में प्रदेश भर से कुल 222 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें कोंडागांव से एडवांस स्काउट मास्टर ऋषिदेव सिंह के नेतृत्व में 04  रेंजर दयावती, हीना नेताम, जनकदई बघेल, शैलाखी एवं 04  रोवर उमेश कुमार, वीरेंद्र नेताम, योगेश कुमार, लक्ष्मण कुमार सम्मिलित हुए ।

छत्तीसगढ़ के कुशल ट्रैकर्स सूरज कसार बालोद, विभूति भूषण गुप्ता शक्ति, बालक दास रावत बलौदाबाजार,  जयपाल विश्वकर्मा बलरामपुर, उत्तर मानिकपुरी कोरबा, डॉ० किरण अग्रवाल बिलासपुर, अशोक तिग्गा और मनीष गुप्ता सरगुजा आदि लीडरशिप भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के रेंजर एवं रोवर मैनपाट की प्राकृतिक सौंदर्य का मनमोहक दृश्य का नजारा देखा ।

अत्यंत ठंड के दौरान मैनपाट में ट्रैकिंग दल के सदस्यों ने प्रतिदिन 14 किलोमीटर से 20 किलोमीटर की दूरी पैदल चलकर पहाड़ों के बीच पगडंडियों से गुजरते हुए विभिन्न पर्यटक स्थल मैनपाट की घाघी झरना, उल्टा पानी का अद्भुत नजारा, 150 फीट की ऊंचाई से निरंतर जलप्रपात टाइगर प्वाइंट, भूगर्भ का अनूठा नजारा दलदली भूमि (जलजला)एवं शरणार्थी तिब्बतियों का धार्मिक बौद्ध मंदिर का दर्शन किया ।
                 
मैनपाट में अत्यधिक ठंड, बारिश एवं कोहरा पड़ने के बावजूद रेंजर रोवर ट्रैकर्स ने प्रथम दिवस 07 किलोमीटर पैदल जाकर कलरव करता हुआ दूधिया रंगों से रंगा घाघी झरना का आनंद लेकर वापस 7 किलोमीटर की दूरी तय कर नवानगर में कैम्प फायर कर रात्रि विश्राम किया ।

दूसरे दिन 12 किलो मीटर की दूरी तय करते हुए बीच पहाड़ियों के ढलान में बिना बर्तन के खाना पका कर दोपहर का भोजन कर आमगांव में कैम्प फायर कर रात्रि विश्राम किया। तृतीय दिवस 18 किलोमीटर का सफर तय करते हुए प्रकृति एवं विज्ञान का अद्भुत सौंदर्य ऐसा पानी जो खेतों से निकलकर पहाड़ को पार कर दूसरे ओर जाता है जिसे “उल्टा पानी” के नाम से जाना जाता है उसका अकल्पनीय नजारा देखकर मैनपाट के ऊपरी भाग कमलेश्वरपुर में रात्रि विश्राम किया ।

चौथे दिवस कमलेश्वरपुर से 10 किलोमीटर की दूरी तय कर टाइगर पॉइंट 150 फीट की ऊंचाई से गिरता हुआ जलप्रपात का आनंद लेकर मां बंजारी देवी का दर्शन करते हुए कमलेश्वरपुर में विभिन्न क्षेत्रीय भेष भूषा में रंगा रंग सांस्कृतिक कार्यक्रम सूवा, कर्मा, बस्तरिया, सरगुजिहा नृत्य प्रस्तुत किए।

अंतिम पांचवा दिन 07 किलोमीटर की दूरी तय कर भूगर्भ का अनूठा प्रभाव दलदली (जलजला)  जहां जंप लगाने पर धरती हिलती है वहां ट्रैकर्स नृत्य कर आनंद उठाया । जलजला (दलदली) से  वापसी में  शरणार्थी तिब्बतियों का धार्मिक भव्य एवं आकर्षक बुद्ध मंदिर का दर्शन किया। कोंडागांव के रोवर  रेंजर ट्रैकर्स एवं स्काउट मास्टर ऋषिदेव सिंह ने भारत स्काउट गाइड छत्तीसगढ़, जिला कलेक्टर श्री नीलकंठ टेकाम, जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश मिश्रा एवं जिला संगठन आयुक्त कोंडागांव एवं सरगुजा के प्रति आभार व्यक्त किया।

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