प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर किया गया गांव में सीधा पैसा भेजने का मांग,,चन्द्राकर

प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर किया गया गांव में सीधा पैसा भेजने का मांग,,चन्द्राकर
कुंडा न्यूज़
प्रधानमंत्री मोदी जी का जो विचार और भारत को आगे ले जाने की सोच है उसके लिए भारत में एक छोटे से राज्य छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के पंडरिया विधानसभा के आखरी छोर ग्राम भरेवा पुरन में रहने वाले किसान एवं भारतीय जनता पार्टी के युवा एवं सक्रिय कार्यकर्ता यशवन्त चन्द्राकर ने पत्र लिखकर मांग किया कि जो पैसा किसानों के खाते में सीधा दिल्ली से आता है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना वैसे ही ग्राम पंचायतों में भी सीधा पैसा आए ग्राम पंचायतों में भी सचिव और सरपंच के अलावा 5 व्यक्तियों का समूह बनाकर उस पैसे का ग्राम विकास में सही उपयोग हो हाल ही में छत्तीसगढ़ में रूर्बन योजना के तहत कुंडा कलस्टर में 9 ग्राम पंचायतों का विगत 2 सालों से ग्राम विकास की राशि को निकाल कर अपने अपने कामों में लगा लिया गया था जिसमें सचिव सरपंच को दोषी माना गया जबकि जनपद सीओ इंजीनियर एसडीओ इन सब अधिकारी जनपद में बैठकर मोटी रकम खा रहे हैं जिनको भी दोषी माना जाए सरकार इन सभी इंजीनियर एसडीओ और जनपद सीईओ को मोटी रकम देकर सरकार के कामों को योजनाओं को जमीन तक इमानदारी से ले जाने के लिए रखा गया है जबकि ऐसा नहीं हो रहा है सब यहां से वहां तक परसेंट में बंधे हुए हैं हम प्रधानमंत्री मोदी जी को धन्यवाद देना चाहते हैं की पूरे भारत के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत हर किसान को तीन किस्तों में ₹6000 सीधे खाते में दे रहे हैं ऐसे ही प्रधानमंत्री आवास का पैसा भी सीधे खाते में आ रहा है वैसे ही हर विकास योजना को चाहे 15 वित्त का हो ग्राम पंचायतों में सचिव सरपंच के अलावा पांच वरिष्ठ व्यक्तियों का समूह के बिना पैसा ना निकाला जाए ऐसी व्यवस्था करने की जरूरत है छत्तीसगढ़ के किसानों के तरफ से प्रधानमंत्री मोदी जी को सहृदय धन्यवाद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को छत्तीसगढ़ के किसान के द्वारा 12000 करने के भी मांग की है ताकि किसान सबल और मजबूत हो प्रधानमंत्री फसल बीमा में भी कुछ त्रुटियां हैं जैसे तहसीलदार पटवारी और ग्राम सेवक बीमा कम्पनी यह सभी मिलकर किसानों का नुकसान तय करते हैं इसका सही सर्वे नहीं हो पाता इसलिए किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का सही लाभ नहीं मिल पाता



